भोपाल
राज्य सरकार ने जूनियर प्रशासकीय सेवा भर्ती तथा सेवा शर्तें नियमों में बदलाव कर दिया है। अब अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित पदों को पर्याप्त संख्या में उम्मीदवार उपलब्ध न होने पर अन्य वर्गों के उम्मीदवारों से नहीं भरा जाएगा बल्कि अगले चयन तक के लिए ये पद आरक्षित रखे जाएंगे।
जूनियर प्रशासकीय सेवा में सीधी भर्ती के लिए मध्यप्रदेश लोक सेवा अधिनियम के तहत अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए पद आरक्षित रखे जाएंगे। अनुसूचित जाति, जनजाति तथा अन्य पिछड़े वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के उम्मीदवार जिन्हें आयोग द्वारा प्रशासन में दक्षता बनाए रखने के लिए सेवा में नियुक्ति के लिए उपयुक्त समझा जाएगा वहां यथा स्थिति इन वर्गों के लिए आरक्षित पदों पर नियुक्त किया जा सकेगा।
अनुभव की शर्त होगी शिथिल
ऐसे मामले जहां सीधी भर्ती द्वारा भरे जाने वाले पदों के लिए कुछ कालावधि का अनुभव एक आवश्यक शर्त है और नियुक्ति प्राधिकारी की राय में यह पाया जाए कि अनुसूचित जाति, जनजाति अन्य पिछड़ा वर्ग या आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के उम्मीदवार पर्याप्त संख्या में उपलब्ध नहीं हो सकेंगे वहां नियुक्ति प्राधिकारी राज्य सरकार से परामर्श के बाद अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थी के लिए अनुभव की शर्त को शिथिल किया जा सकेगा।
पदों को भरने यह रास्ता
राजस्व विभाग ने नियम 13 में उपनियमों में बदलाव किया है। इसके तहत अनुसूचित जाति, जनजाति ओबीसी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आरक्षित पद आरक्षण नियमों के तहत आरक्षित रखे जाएंगे। लेकिन अनुसूची पांच में उल्लेखित स्तर के अनुसार जो नहीं है और जिन्हें प्रशासन में दक्षता बनाए रखने के लिए नियुक्ति प्राधिकारी सेवा में नियुक्ति के लिए उपयुक्त समझेगा उन्हें अनुसूचित जाति, जनजाति,ओबीसी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आरक्षित पदों पर नियुक्त किया जा सकेगा।

