भोपाल
संचालक राज्य शिक्षा केंद्र धनराजू एस ने कहा है कि शाला प्रबंधन समितियों के सदस्यों को विद्यालय के विकास में सहभागिता के लिए प्रेरित करें। जब भी मैदानी प्रशिक्षण में जाए, शाला प्रबंधन समितियों के सदस्यों से आत्मीय संवाद कायम करें। धनराजू राज्य शिक्षा केन्द्र में शाला प्रबंधन समितियों के प्रशिक्षण के लिए गठित राज्य स्रोत समूह के सदस्यों के उन्मुखीकरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। धनराजू ने कुछ समय प्रतिभागियों के मध्य एक प्रशिक्षणार्थी के भांति बैठकर प्रशिक्षण का बारीकी से अवलोकन किया। संचालक राज्य शिक्षा केंद्र धनराजू एस ने प्रदेश की शासकीय प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं में शाला प्रबंधन समितियों के सशक्तिकरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक संकुल में 4-5 स्कूलों को हर स्तर पर बेहतर रूप से विकसित करें। उन्हें संसाधनों से परिपूर्ण करते हुए शैक्षिक रूप से आदर्श के रूप में तैयार करें।
धनराजू ने कहा कि शाला समितियों के प्रशिक्षण में कम्युनिकेशन गेप नहीं होना चाहिए। जिन भावनाओं से प्रशिक्षण सामग्री निर्मित की गई है उसका समुचित उपयोग करें। उन्होंने कहा कि हमारे प्रयास होंगे कि आस-पास के स्कूलों के लिए आगामी सभी शाला स्तरीय प्रशिक्षण इन्ही स्कूलों में आयोजित किये जायें। जिससे एक्टिव मोड में सजीव प्रशिक्षण प्रदान किये जा सकें।
प्रदेश के 26 जिलों के सहायक परियोजना समन्वयक, मोबिलाइजेशन एवं राज्य स्रोत्र समूह के अन्य सदस्य उपस्थित थे।

