Saturday, January 17

दो लाख से कम आय वाले परिवारों की बच्चियों को कौशल विकास व उच्च शिक्षा में सहयोग करेगा जेएसपीएल फाउंडेशन

दो लाख से कम आय वाले परिवारों की बच्चियों को कौशल विकास व उच्च शिक्षा में सहयोग करेगा जेएसपीएल फाउंडेशन


रायपुर
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जेएसपीएल फाउंडेशन ने छत्तीसगढ़ और ओडिशा के निर्धन परिवारों की बच्चियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक नायाब तोहफा दिया है। फाउंडेशन की चेयरपर्सन श्रीमती शालू जिन्दल ने दो लाख रुपये से कम आय वाले परिवारों की बच्चियों के प्रोत्साहन के लिए जिन्दल स्वयंसम्पन्न नारी योजना लोकार्पित करते हुए आह्वान किया कि नारी-पुरुष समानता सुनिश्चित करने के लिए हम सभी आगे आएं ताकि सामाजिक विकास कार्यक्रमों में महिलाओं के कौशल और शिक्षा में निवेश हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता निर्धारित हो जाए।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर इस योजना का शुभारंभ करते हुए श्रीमती जिन्दल ने कहा कि जिन्दल स्वयंसम्पन्न नारी योजना महिला कौशल विकास एवं शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। यह योजना प्रारंभिक रूप से ओडिशा और छत्तीसगढ़ में लागू की जा रही है। हमें विश्वास है कि यह दीर्घकालिक योजना निश्चित रूप से महिलाओं की रोजगार क्षमता को बढ़ाने और उन्हें स्थायी रूप से सशक्त बनाने में कारगर साबित होगी।  

जिन्दल स्वयंसम्पन्न नारी योजना का आवेदन जेएसपीसफाउंडेशन डॉट कॉम, ईमेल आईडी एडब्ल्यूएआरडीएस एडदरेड   जेएसपीसफाउंडेशन डॉट कॉम, आईएनएफओ एडदरेड जेएसपीसफाउंडेशन डॉट कॉम पर उपलब्ध है। आवेदन भरकर अपलोड किया जा सकता है अथवा जनरल सेक्रेटरी, जेएसपीएल फाउंडेशन, 3 फॉरेस्ट पार्क, भुबनेश्वर-751009 (ओडिशा) के पते पर भेजा जा सकता है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए 25 मार्च आवेदन की अंतिम तिथि है। इस योजना में चयनित होने के बाद विद्यार्थियों को कौशल विकास एवं उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सहयोग के रूप में छात्रवृत्ति मिलेगी। श्रीमती शालू जिन्दल ने कहा कि आर्थिक तंगी से जूझ रहीं प्रतिभाओं के प्रोत्साहन के लिए जेएसपीएल फाउंडेशन प्रतिबद्ध है। इस योजना का उद्देश्य गरीब और वंचित वर्ग की बालिकाओं व महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उनकी सहायता करना है। यह योजना विशेषकर उन बालिकाओं और महिलाओं पर केंद्रित है, जो आर्थिक तंगी के कारण अपनी पढ़ाई पूरी करने में असमर्थ हैं या आगे की पढ़ाई नहीं कर पा रही हैं।

यह छात्रवृत्ति अलग-अलग स्तरों पर प्रदान की जाएगी। कौशल विकास पाठ्यक्रम के लिए 10वीं, व्यावसायिक और उच्च शिक्षा के लिए 12वीं और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के लिए स्नातक उत्तीर्ण होना जरूरी है। दो लाख रुपये से कम आय वाले परिवार की बच्चियों को ही यह लाभ मिलेगा, जिसके लिए विद्यार्थियों को अधिकृत आय प्रमाणपत्र अपने आवेदन के साथ संलग्न करना होगा। इस योजना के लिए 16 से 30 साल की उम्र निर्धारित की गई है।

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