भोपाल
खरगोन में हुई सांप्रदायिक हिंसा की वारदात के बाद भोपाल पुलिस अब सोशल मीडिया को लेकर सख्त कदम उठाने जा रही है। सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने और कमेंट करने वाले लोगों के एकाउंट एक साल के लिए बैन कर दिए जाएंगे। दरअसल पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू होने के बाद से पुलिस के पास ऐसे आदेश को लागू करने के पॉवर मिले हुए हैं। उस पॉवर का इस्तेमाल कर आदेश जारी किए गए हैं। इतना ही नहीं इसके लिए बकायदा सायबर सेल की टीम को निगरानी रखने का फरमान भी जारी किया गया है। पुलिस कमिश्नर राज्य सुरक्षा कानून की धारा 3 के तहत यह आदेश जारी किया है। प्रदेश में ऐसा पहली बार हो रहा है, जब किसी तरह के भड़काउ पोस्ट करने पर आरोपी को सालभर के लिए सोशल मीडिया से बैन किया जाएगा।
सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने के मामले में पुलिस को शिकायत मिलती है और गु्रप एडमिन उस व्यक्ति को अपने गु्रप में जोड़कर रखता है, तो उस एडमिन के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में व्यक्ति को नोटिस देकर पुलिस कार्रवाई करेगी। साथ ही उसकी सुनवाई कमिश्नर कार्यालय में की जाएगी।
सोशल मीडिया से फैलती है अफवाह
प्रदेश में जहां-जहां भी संप्रदायिक विवाद हुए हैं, वहां सोशल मीडिया से फैली अफवाह के बाद ही स्थिति खराब हुई है। इसलिए भोपाल पुलिस ने सबसे सोशल मीडिया पर ही लगाम लगाई है। सोशल मीडिया पर भड़काउ पोस्ट पर अगर अंकुश लग जाता है, तो आधा विवाद वैसे ही खत्म हो जाता है। साथ ही उसका फायदा असमाजिक तत्व भी नहीं उठा पाते। दरअसल इस महीने लगातार त्यौहार हैं, और पुलिस की मंशा है किस सर्भी वर्ग अपने-अपने त्याहारों को भाई चारे के साथ मनाए। लेकिन कई दिनों से देखने में आ रहा था कि सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को भड़काने का काम किया जा रहा है, और पुलिस का मानना है कि सोशल मीडिया इस्तेमाल करने वाले लोगों पर सख्ती करने से ही अफवाहों को कंट्रोल किया जा सकता है। इसलिए पुलिस ने यह कदम उठाया।
सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने वाले लोगों को एक साल के लिए सोशल मीडिया बैन किया जाएगा। इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं।
सचिन अतुलकर, एसीपी भोपाल

