लखनऊ
गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों पर हमले का आरोपी मुर्तजा ISIS के आतंकी और प्रोपेगेंडा एक्टिविस्ट मेंहदी मसूद के साथ संपर्क में था. यूपी के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने बताया कि मुर्तजा से पूछताछ के बाद ये बात सामने आई है.
यूपी के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर ने बताया कि UP ATS द्वारा की गई मुर्तजा से पूछताछ में आतंकी संगठन ISIS के एक्टिविस्ट से सम्पर्क में होने के सबूत मिले हैं. सोशल मीडिया के जरिए लगातार मुर्तजा ISIS के विदेशों में बैठे आतंकियों और समर्थकों के संपर्क में था. मुर्तजा साल 2014 में बंगलुरु पुलिस के हाथों गिरफ्तार ISIS के आतंकी और प्रोपोगेंडा एक्टिविस्ट मेंहदी मसूद के साथ सोशल मीडिया के जरिए भी संपर्क में था.
यूपी ATS की पूछताछ में पता चला है कि मुर्तजा ने ISIS की शपथ भी ली है और आतंकी संगठन के समर्थकों को आर्थिक मदद भी की है. मुर्तजा ने इंटरनेट पर AK-47, 5-4 कारबाइन समेत कई हथियारों के बारे में आर्टिकल पढ़े. जिसके बाद उसने घर में रखे एयरराइफल से प्रैक्टिस की, ताकि आगे अगर हथियार मिले तो उससे हमला कर सके.
3 अप्रैल को मुर्तजा ने किया था हमला
अहमद मुर्तजा अब्बासी ने 3 अप्रैल को जबरन गोरखनाथ मंदिर में घुसने की कोशिश की थी. जब पीएसी के जवानों ने उसे रोकना चाहा तो उसने धारधार हथियार से उन पर हमला कर दिया था. बाद में उसे किसी तरह काबू कर पकड़ लिया गया था. इस घटना में 2 पुलिसकर्मी जख्मी हो गए थे.
केमिकल इंजीनियर और ऐप डेवलपर है आरोपी
मुर्तजा ने 2015 में आईआईटी मुंबई से केमिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की. डिग्री हासिल करने के बाद दो बड़ी कंपनियों (रिलायंस इंडस्ट्रीज, Essar पेट्रोकेमिकल्स) में उसने नौकरी की. वह ऐप डेवलपर भी था. जानकारी जुटाई जा रही है कि उसने कौन-कौन से ऐप पर काम किया था क्योंकि वह ऐप से भी लोगों से बात करता था.

