गोरखपुर
उत्तर प्रदेश की पहली अधिसूचित रामगढ़झील व उसके आसपास स्थित वॉटर बाड़ी की साफ सफाई वैज्ञानिक ढंग से मशीनों के जरिये की जाएगी। गोरखपुर विकास प्राधिकरण ने एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) आमंत्रित की है। फर्मों को आवेदन के लिए 05 दिसंबर तक का मौका दिया गया है।1600 एकड़ में फैली रामगढ़झील के अलावा सर्किट हाउस की साइड 48 एकड़ में फैली वॉटर बाडी है। अब तक सफाई मजदूरों से कराई जा रही है। इस पर जीडीए काफी धनराशि खर्च कर रहा है। प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह कहते हैं कि हमारी कोशिश है कि झील को स्वच्छ रखने के साथ पक्षियों को आकर्षित किया जा सके।
फायर स्टेशन का करें निर्माण
बैठक में आर्किटेक्ट ने जीडीए उपाध्यक्ष को सुझाव दिया कि इतनी बड़ी और महत्वपूर्ण परियोजना में सुरक्षा की दृष्टि से फायर स्टेशन का भी निर्माण किया जाना चाहिए। जीडीए, उपाध्यक्ष, महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि रामगढ़झील की सफाई एवं सौदर्य में बढ़ोत्तरी, पारिस्थितिक तंत्र व जैव विविधिता के संरक्षण के मद्देनजर मशीनों की मदद से कराने का निर्णय लेते हुए उसके समग्र देखभाल के लिए ईओआई आमंत्रित की गई है।

