पश्चिम चंपारण (बेतिया)
कोरोना का रफ्तार थमने का असर मास्क और सैनिटाइजर की बिक्री पर साफ देखा जा रहा है। मास्क की बिक्री में रिकॉर्ड गिरावट आई है। दवा दुकानदारों के अनुसार कभी-कभार ही कोई ग्राहक मास्क खरीदने आ रहा है। हालांकि अभी भी सार्वजनिक जगहों पर मास्क का उपयोग जरूरी है। सार्वजनिक जगहों पर मास्क का उपयोग नहीं करने वालों से जुर्माना भी वसूला जा रहा है। लेकिन इसकी गति काफी धीमी है। कोरोना संक्रमितों के मामले कम होने पर लोगों ने लापरवाही बरतनी शुरू कर दी है। लोग सार्वजनिक स्थलों और बाजारों में शारीरिक दूरी और मास्क लगाने के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। यही कारण है कि बाजार में मास्क तथा सैनिटाइजर की बिक्री में करीब 80 फीसद की गिरावट आई है। जीएमसीएच सहित कुछ जगहों पर मास्क के उपयोग में कड़ाई बरतने के कारण वहां मस्की की बिक्री तो हो रही है, लेकिन अन्य इलाकों में मास्क की नाम मात्र की बिक्री होती है। अब लोगों ने घरों से बिना मास्क निकलना शुरू कर दिया है। इसका असर मास्क और सैनिटाइजर बाजार पर भी पड़ा है।
नगर के तीन लालटेन चौक के मास्क विक्रेता लक्ष्मण मोटानी ने बताया कि कोरोना का प्रभाव कम होने के बाद मांस की बिक्री काफी कम हो गई है। कभी कभार ही कोई ग्राहक मास्क खरीदने आता है। दवा व्यापारियों के अनुसार कुछ माह से सैनिटाइजर के साथ मास्क की बिक्री में कमी आने लगी है। मास्क की अपेक्षा सैनिटाइजर की मांग ज्यादा कम हुई है। पहले प्रत्येक दवा या अन्य दुकानों से रोजाना मास्क और सैनिटाइजर की बिक्री हो रही थी। लेकिन अब लोगों ने लापरवाही बरतनी शुरू कर दी है। जिससे मास्क और सैनिटाइजर की बिक्री में करीब 80 फीसदी कमी आई है। डॉक्टर एसएन शुक्ला ने बताया कि कोरोना संक्रमण के मामलों में जरूर कमी आई है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है। मास्क लगाने के साथ ही शारीरिक दूरी का पालन करना अभी भी काफी जरूरी है। इस मामले में लापरवाही परेशानी का सबब बन सकती है।

