Sunday, February 22

हरियाणा में बिगड़ी कानून व्यवस्था पर सैलजा का हमला, बोलीं—अपराधियों के हौसले बुलंद

हरियाणा में बिगड़ी कानून व्यवस्था पर सैलजा का हमला, बोलीं—अपराधियों के हौसले बुलंद


चंडीगढ़
सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव कुमारी सैलजा ने हरियाणा में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि कैथल में दिनदहाड़े एक शराब व्यापारी को 25 गोलियां मारे जाने की घटना प्रदेश की कानून व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को उजागर करती है। कुमारी सैलजा ने कहा कि इससे कुछ दिन पूर्व रोहतक बाइपास पर हुई गैंगवार की घटना भी बेहद गंभीर और चिंताजनक है। लगातार हो रही ऐसी वारदातों ने प्रदेश में भय का वातावरण पैदा कर दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि आम नागरिक, व्यापारी, महिलाएँ और यहाँ तक कि जनप्रतिनिधि भी स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। हाल के दिनों में फिरौती की बढ़ती घटनाएँ और गैंगस्टरों की खुलेआम गतिविधियाँ अत्यंत चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायकों तक से रंगदारी माँगे जाने की घटनाएँ बताती हैं कि अपराधियों में कानून का भय लगभग समाप्त हो चुका है।

उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना किसी भी सरकार का प्रथम दायित्व होता है, लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार इस मोर्चे पर विफल दिखाई दे रही है। यदि अपराधी दिनदहाड़े वारदातों को अंजाम देते रहे हैं और उन पर समय रहते कठोर कार्रवाई न हो, तो जनता का शासन और प्रशासन से विश्वास डगमगाना स्वाभाविक है। कुमारी सैलजा ने प्रदेश सरकार से मांग की कि अपराधियों और गैंगस्टरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर सख्त और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। व्यापारियों और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएँ तथा कानून का राज स्थापित कर जनता में भरोसा बहाल किया जाए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सरकार इस गंभीर स्थिति को हल्के में न लेते हुए तुरंत ठोस कदम उठाएगी ताकि हरियाणा में शांति, सुरक्षा और कानून का शासन पुन: मजबूत हो सके।

हांसी में नर्सिंग छात्राओं का अनशन चिंताजनक
कुमारी सैलजा ने हांसी में नर्सिंग छात्राओं द्वारा माइग्रेशन की मांग को लेकर विधायक आवास के बाहर क्रमिक अनशन पर बैठने की घटना को अत्यंत चिंताजनक बताया है। उन्होंने कहा कि 9 दिनों के शांतिपूर्ण धरने के बाद भी यदि प्रदेश की बेटियों को अपने भविष्य के लिए अनशन का सहारा लेना पड़े, तो यह भाजपा सरकार की संवेदनहीनता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि सरकार को तुरंत छात्राओं से संवाद स्थापित करते हुए उनकी जायज मांगों को स्वीकार करना चाहिए। छात्राओं की शिक्षा और उनके भविष्य से जुड़े विषयों को लंबित रखना न तो न्यायसंगत है और न ही लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप है। कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रदेश की बेटियों की आवाज़ को सम्मानपूर्वक सुनना और ठोस समाधान देना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

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