Sunday, March 1

रेवेन्यू रिकॉर्ड सुधारने के पहले पखवाड़े में शहडोल संभाग अव्वल

रेवेन्यू रिकॉर्ड सुधारने के पहले पखवाड़े में शहडोल संभाग अव्वल


भोपाल
प्रदेश में राजस्व अभिलेख शुद्धिकरण के लिए शुरू किए गए अभियान के पहले पखवाड़े में ओवरआल परफारमेंस के आधार पर शहडोल संभाग पूरे राज्य में पहली रैंकिंग हासिल कर अव्वल रहा है।  संभाग के तीनों जिले अनूपपुर, शहडोल और उमरिया में किए गए कामों के आधार पर शहडोल संभाग ने पहली रैंक हासिल की है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे  संभागों को शहडोल संभाग ने काफी पीछे छोड़ दिया है।

दिवंगत भूमिस्वामियों के नाम रिकार्ड से हटाकर उसे पूरी तरह ठीक करने में शहडोल संभाग का शहडोल जिला पूरे प्रदेश में पहले नंबर पर है।  शून्य क्षेत्रफल वाले खसरों को ठीक करने में अनूपपुर 11 वे उमरिया 39 वे और शहडोल 3 वे स्थान पर है। भूमि के प्रकार दर्ज करने में अनूपपुर को 9वे , उमरिया को 30 वी और शहडोल को 39 वी रैंक मिली है। भूमिस्वामी प्रकार में सुधार करने में अनूपपुर की आठवी रैंक है। उमरिया की 25 वी और शहडोल की 37 वी रैंक रही है। इसी तरह मूल बटांक, आंकिक खसरा संख्या, डायवर्जन एंट्री, डाटा परिमार्जन में भी शहडोल संभाग पहले नंबर पर रहा है।

राजस्व अभिलेख शुद्धिकरण करने में चंबल संभाग पूरे प्रदेश में सबसे पीछे रहा है। यहां के भिंड, मुरैना और श्योपुर जिलों को काम के आधार पर दी गई रैंकिंग से चंबल संभाग दसवे नंबर पर है। ग्वालियर संभाग नौवे नंबर पर है। वहीं ग्वालियर को छटवा और जबलपुर को चौथा तथा भोपाल संभाग को प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। सबसे बेहतर काम करने में शहडोल संभाग के बाद रीवा संभाग दूसरे स्थान पर है। सागर और नर्मदापुरम संभाग भी आठवे और नौवे स्थान पर है।

शहडोल जिले के फौती नामांकरण के 2 हजार 562 प्रकरण दर्ज थे। इनमें से 1843 में सुधार कर दिया गया है। जिले में कुल 71.94 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है।दूसरे स्थान पर नरसिंहपुर जिला है। यहां 61 .19 फीसदी काम पूरा कर लिया गया है। कुल 973 प्रकरणों का निराकरण यहां किया गया है।

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