अमिताभ पाण्डेय
भोपाल । (अपनी खबर )
युग ऋषि दयानंद ने नारी की सामाजिक और धार्मिक प्रतिष्ठा को बढ़ाने के लिए जो काम किए, उनका यह सुपरिणाम है कि अनेक सामाजिक बुराइयों से नारी को मुक्ति मिली । सामाजिक विसंगतियों, गलत परंपराओं पर स्वामी दयानंद ने प्रभावी प्रहार किए। इसके कारण समाज में नारी की प्रगति का मार्ग प्रशस्त हुआ। स्वामी दयानंद ने नारी का मान सम्मान बढ़ाने में जो योगदान दिया, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता है ।
उक्त आशय के विचार विगत दिनों आर्य समाज महावीर नगर में आयोजित समारोह में वक्ताओं ने प्रकट किए।
यह समारोह अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर हुआ ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रवादी चिंतक डॉ देवेंद्र दीपक थे ।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के पहले नारी की स्थिति दयनीय थी। महर्षि दयानंद ने पुरानी परंपराओं को खत्म करने का अभियान चलाया ।
इसके कारण महिलाओं पर होने वाले अन्याय अत्याचार पर अंकुश लगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही मध्य प्रदेश लेखिका संघ की अध्यक्ष श्रीमती अनीता सक्सेना ने महिलाओं से अपने हक अधिकार के प्रति जागरूक होने का आग्रह किया ।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि केंद्रीय शिक्षा संस्थान की प्रोफेसर डॉक्टर प्रवीणा कौशल , पुष्पांजलि योगपीठ की प्रभारी डॉ पुष्पांजलि शर्मा ने भी अपने विचार प्रकट किए। कार्यक्रम के दौरान महिला कवियित्रीयों ने अपनी रचनाएं सुनाई जिसका उपस्थित आर्य जनों ने करतल ध्वनि से स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन आर्य समाज की मंत्री श्रीमती सरोज लता सोनी ने किया और आगंतुकों का आभार आर्य समाज की प्रधान श्रीमती अर्चना सोनी ने माना।

