सज्जन सिंह वर्मा ने कंगना और कैप्टन अमरिंदर पर की तीखे प्रहार
देवास
देश की आजादी के इतिहास को अदनी सी महिला, जिसकी महात्मा गांधी के आगे क्या हैसियत है। महान आंदोलन को एक शब्द में कलंकित कर रही हो, शर्म आना चाहिए। ये कहती हैं 1947 की आजादी तो भीख में मिली है,

