रावलपिंडी की वह सुबह: जब एक फैसले ने पाकिस्तान की दिशा बदल दी
नई दिल्ली
गुलाबी ठंड दस्तक दे चुकी थी। सुबह की ठंडी हवा में धुंध तैरने लगी थी। रावलपिंडी स्थित गॉर्डन कॉलेज के गेट के बाहर सैकड़ों छात्र इकट्ठा थे। हाथों में तख्तियां थीं। इनमें लिखा था- रोटी, आजादी

