स्वसहायता समूह की चार महिलाएं कैंटीन चलाकर रोज एक हजार से 1200 रहीं कमा
रायपुर
इंद्राणी, उर्मिला, सुनीता और सातोबाई की जिंदगी अब बदल चुकी है। मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) और बिहान (छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन) ने उनका जीवन बदलने

