भोपाल
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि शहीद टंट्या मामा के 4 दिसम्बर – बलिदान दिवस को श्रद्धा पूर्वक मनाया जाएगा। इस दिन उनकी स्मृति में कार्यक्रम का आयोजन भी होगा। इससे उनकी स्मृति भी बनी रहेगी और उससे देशभक्ति और गरीबों की सेवा की प्रेरणा हम प्राप्त करेंगे, ऐसे कई उपाय किए जाएंगे। मुख्यमंत्री चौहान 4 दिसम्बर को उनको श्रद्धा-सुमन अर्पित करने इंदौर जिले के पातालपानी जाएंगे।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा है कि हम सब आजादी का 75वां उत्सव मना रहे हैं। ये आजादी दिलवाने में कई क्रांतिकारी भाइयों और बहनों ने अपना अमूल्य बलिदान दिया है। अनेक कष्ट सहन किए, यातनाएं सही हैं। फांसी का फंदा गले में डाला। ऐसे ही अमर क्रांतिकारी, बलिदानी टंट्या मामा ने गरीब जनजाति भाई-बहनों का शोषण न हो और भारत माता के पैरों से परतंत्रता की बेड़ियां, गुलामी की जंजीरें काटी जाएंं, इसके लिए क्रांति का शंख फूंका था।
शिवराज ने कहा कि अंग्रेज उनके नाम से कांपते थे। रॉबिन हुड की उपाधि उनको दी गई थी। ऐसे अमर शहीद क्रांतिकारी टंट्या मामा ने मध्यप्रदेश की धरती पर खण्डवा जिले में जन्म लिया था। उनके बलिदान के बाद उनका अंतिम संस्कार इंदौर जिले के महू के निकट पातालपानी में हुआ था। अमर शहीद टंट्या मामा का 4 दिसम्बर को बलिदान दिवस है।

