नई दिल्ली
दुनिया ने जोशो-खरोश के साथ नए साल 2022 का स्वागत किया है। 2021 ने काफी निराश किया। इस साल भारत ने कोरोना की खतरनाक दूसरी लहर का सामना किया जिसमें हजारों लोगों की असमय मौत हो गई। हालांकि, इसी साल ‘उम्मीदों का टीका’ भी आया। आने वाला नया साल नई उम्मीदों भरा होगा। भले ही साल की शुरूआत कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट से हो रही है लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन ने उम्मीद जताई है कि 2022 महामारी को पीछे छोड़ सकता है। इस साल की सबसे बड़ी उम्मीद बच्चों की वैक्सीन को लेकर है।
भारत में 3 जनवरी से 15 से 18 साल के किशोरों का वैक्सीनेशन शुरू हो रहा है। आज से किशोरों के वैक्स्ीनेशन का रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया है। बच्चों के वैक्सीनेशन के लिए तमाम राज्यों ने कमर कस ली है। इसके लिए तमाम तैयारियां भी जोरों पर चल रही हैं। देश में 15 से 18 साल की उम्र के करीब 8 करोड़ बच्चे हैं। वैक्सीनेशन का फायदा इन तमाम बच्चों को मिलेगा और कोरोना के खिलाफ लड़ाई में हमारे बच्चे मजबूत होंगे।
भारत बायोटेक की कोवैक्सीन ट्रायल में 2 से 18 साल के बच्चों पर असरदार साबित हुई है। इस साल और भी छोटे बच्चों का वैक्सीनेशन शुरू होने की उम्मीद है। वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन की चीफ साइंटिस्ट सौम्या स्वामीनाथन का कहना है कि नए साल में वैक्सीन कवरेज बढ़ेगी और महामारी नियंत्रण में आ जाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि महामारी आम सर्दी-जुकाम का रूप ले सकती है जिसे आसानी से संभाला जा सकता है। साल की शुरूआत में ही भारत में नेजल वैक्सीन आने की उम्मीद भी है। पीएम मोदी ने देश के नाम संबोधन में नेजल वैक्सीन लाने की बात कही थी। ये वैक्सीन भारत बायोटेक और वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल आॅफ मेडिसिन मिलकर बना रहे हैं। ये वैक्सीन नाक के जरिए दी जाएगी। जनवरी में इसके मिल जाने की उम्मीद है।
बच्चों का कोरोना वैक्सीनेशन सरकारी सेंटर पर होगा। साथ ही निजी अस्पताल में भी आप बच्चे को वैक्सीन लगवा सकते हैं। सरकारी वैक्सीनेशन सेंटर पर बच्चों को मुफ्त वैक्सीन लगेगी। जबकि निजी अस्पतालों में वैक्सीन की कीमत चुकानी होगी।
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने जानकारी दी है कि राज्य के 10 मंत्री और 30 से अधिक विधायक कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। उनका कहना है कि अगर राज्य में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ती रही तो कुछ और कड़े प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। ओमिक्रॉन वेरिएंट अब तक 23 राज्यों में फैल चुका है। महाराष्ट्र में इसके 454 केस आ चुके हैं। वहीं दिल्ली में 351 मामले दर्ज किए गए हैं। इसके साथ ही तमिलनाडु में 118 केस और गुजरात में 115 केस अब तक आ चुके हैं। केरल में 109 मामले सामने आए हैं।
प्रदेश में कोरोना वायरस की रफ्तार बढ़ गई है। भोपाल और इंदौर हॉट स्पॉट बन रहे हैं। प्रदेश में पिछले 24 घंटे में 124 केस नए केस मिले हैं वहीं एक्टिव मामलों की संख्या सवा चार सौ के पार पहुंच गई है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक पिछले 24 घंटे में प्रदेश में 124 नए केस मिले हैं। इसमें इंदौर में 62 और भोपाल में 27, जबलपुर में 11, उज्जैन में 6 नए केस मिले हैं। इसके साथ ही प्रदेश में एक्टिव केसों की संख्या बढ़कर 430 पहुंच गई है।

