Saturday, January 17

अन्तर के सम्बन्ध में केन्द्र को लिखेंगे पत्र: कृषि मंत्री

अन्तर के सम्बन्ध में केन्द्र को लिखेंगे पत्र: कृषि मंत्री


जयपुर। कृषि मंत्री श्री लालचन्द कटारिया ने सोमवार को विधानसभा में बताया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत किसानों को देय अनुदान राशि में अन्तर के सम्बन्ध में भारत सरकार को 21 नवम्बर, 2021 को पत्र लिखा गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस गाइडलाईन में परिवर्तन के लिए भारत सरकार को पुनः पत्र लिखा जायेगा।

श्री कटारिया ने प्रश्नकाल में विधायकों द्वारा इस सम्बन्ध में पूछे गये पूरक प्रश्नों के जवाब में बताया कि भारत सरकार की गाइडलाईन के अनुसार नहरी क्षेत्र एवं बारानी क्षेत्र में फॉर्म पौण्ड बनाने के लिए देय अनुदान के अनुपात में अन्तर है। उन्होंने कहा कि इस अन्तर में परिवर्तन के लिए शीघ्र भारत सरकार को पत्र लिखा जायेगा। उन्होंने बताया कि बीकानेर जिले में योजना के तहत शेष रहे  35 फार्म पौण्ड मे से 25 फार्म पौण्ड के लिए 18 लाख 72 हजार रुपये स्वीकृत किये गये।

उन्होंने योजना के तहत वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति में आ रही समस्याओं के सम्बन्ध में स्पष्ट किया कि बैंक बदल जाने के कारण अब खातों में बदलाव होना जरूरी हो गया। अब इस योजना के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा मे खाते खुलवाने होंंंगे। उन्होंने आश्वस्त किया कि शीघ्र इस समस्या को निस्तारित किया जायेगा।

इससे पहले विधायक श्री गिरधारी लाल के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में कृषि मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में जनवरी 2022 तक कृषि विभाग द्वारा बीकानेर, सीकर व श्रीगंगानगर जिलों में कुल 2 हजार 970 डिग्गी एवं 737 फॉर्म पौण्ड स्वीकृत किए गए हैं, तथा उद्यान विभाग द्वारा बीकानेर, सीकर व श्रीगंगानगर जिलों में 24 सामुदायिक जलस्त्रोत एवं 1 एकल फार्म पौण्ड स्वीकृत किये गये हैं। उन्होंने जिलेवार स्वीकृत व अनुदानित राशि का विवरण सदन के पटल पर रखा।

उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में जनवरी 2022 तक कृषि विभाग द्वारा  उक्त जिलों में स्वीकृत 2 हजार 970 डिग्गियो में से कृषकों द्वारा विभागीय दिशा निर्देशानुसार पूर्ण निर्मित 600 डिग्गियों का भुगतान किया जा चुका है एवं स्वीकृत 737 फार्म पौण्ड में से पूर्ण निर्मित 381 में से 346 का भुगतान किया जा चुका है। 35 फार्म पौण्ड के अनुदान भुगतान प्रक्रियाधीन है।

श्री कटारिया ने उद्यान विभाग द्वारा स्वीकृत 24 सामुदायिक जल स्त्रोतों एवं 1 एकल फॉर्म पौण्ड का भुगतान कृषकों द्वारा कार्य अभी तक पूर्ण नहीं करने के कारण बकाया है। जिलों में उक्त वित्तीय वर्ष में स्वीकृत डिग्गी, फार्म पौण्ड व जल स्त्रोतों में शेष रहे कार्यों का कृषकों द्वारा निर्माण कार्य पूर्ण करने पर भुगतान कर दिया जायेगा।

उन्होंने बताया कि भारत सरकार के स्तर से योजना के दिशा-निर्देशों में अनुदान प्रावधान में बदलाव करने पर कृषकों को देय अनुदान में परिवर्तन किया जा सकेगा। कृषि विभाग द्वारा जिलों से इकाई लागत में संशोधन करने हेतु प्रस्ताव लिये जा रहे हैं, जिनके विश्लेषण उपरांत राज्य से भी भारत सरकार को इस हेतु प्रस्ताव भिजवाने के संबंध में विचार कर लिया जायेगा। 

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