Friday, February 3

किसानों से 25 अक्टूबर तक 151.17 लाख मीट्रिक टन धान की हुई खरीद

किसानों से 25 अक्टूबर तक 151.17 लाख मीट्रिक टन धान की हुई खरीद


खरीफ 2020-21 के लिए धान की खरीद पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, उत्तराखंड, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर, गुजरात और केरल में सुचारु रूप से चल रही है.  इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के किसानों से 25 अक्टूबर 2020 तक 151.17 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद की जा चुकी है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान 125.05 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की गई थी. इस वर्ष में अब तक हुई धान की खरीद में पिछले वर्ष से 20.89 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. 151.17 लाख मीट्रिक टन धान की कुल खरीद में से अकेले पंजाब की हिस्सेदारी 100.89 लाख टन है, जो कि कुल खरीद का 66.719 प्रतिशत है. लगभग 12.98 लाख किसानों को सरकार की वर्तमान एमएसपी योजनाओं का लाभ देते हुए वर्तमान खरीफ विपणन सीजन में 18,880 रुपए प्रति मीट्रिक टन के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 28542.59 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है.

खरीफ विपणन सत्र 2020-21 को मिली मंजूरी

राज्यों से मिले प्रस्ताव के आधार पर तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना, गुजरात, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और आंध्र प्रदेश राज्यों से खरीफ विपणन सत्र 2020-21 के लिए 45.10 लाख मीट्रिक टन दलहन और तिलहन की खरीद को भी मंजूरी प्रदान की गई. इसके अतिरिक्त आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल राज्यों से 1.23 लाख मीट्रिक टन खोपरा (बारहमासी फसल) की खरीद के लिए भी स्वीकृति प्रदान की गई है. अगर अधिसूचित फ़सल अवधि के दौरान संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बाजार की दरें एमएसपी से नीचे चली जाती हैं, तो राज्य की नोडल एजेंसियों के माध्यम से केंद्रीय नोडल एजेंसियों द्वारा इन राज्यों और  केंद्र शासित प्रदेशों को मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के अंतर्गत दलहन, तिलहन और खोपरा फसल की खरीद के प्रस्तावों की प्राप्ति पर भी मंजूरी दी जाएगी. इससे पंजीकृत किसानों से वर्ष 2020-21 के लिए अधिसूचित किए गए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सीधे इन फसलों के एफएक्यू ग्रेड की खरीद की जा सके.

किसानों को 7.09 करोड़ रुपए की हुई आमदनी

सरकार ने 25 अक्टूबर 2020 तक अपनी नोडल एजेंसियों के जरिए 986.39 मीट्रिक टन मूंग और उड़द की खरीद एमएसपी मूल्यों पर की है.  इस तरह तमिलनाडु, महाराष्ट्र और हरियाणा के 923 किसानों को 7.09 करोड़ रुपए की आमदनी हुई है. इसी तरह 5,089  मीट्रिक टन खोपरा (बारहमासी फसल) की खरीद कर्नाटक और तमिलनाडु राज्यों से की गई है. इस दौरान 3,961 किसानों को लाभान्वित करते हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 52 करोड़ 40 लाख रुपए की अदायगी की गई है. इसके अलावा खोपरा और उड़द की फसल के लिए अधिकांश प्रमुख उत्पादक राज्यों में एमएसपी पर या उससे ऊपर की दर पर भुगतान किया जा रहा है.

इनसे संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारें खरीफ दलहन और तिलहन के संबंध में आवक के आधार पर संबंधित राज्यों द्वारा तय तिथि से खरीद शुरू करने के लिए आवश्यक इंतज़ाम कर रही हैं. आपको बता दें कि पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश में कपास की खरीद का कार्य न्यूनतम समर्थन मूल्य के तहत सुचारु रूप से चल रहा है. लगभग 68419 किसानोंसे 25 अक्टूबर 2020 तक 104790.17 लाख रुपए के एमएसपी मूल्य पर कपास की 353252 गांठों की खरीद की जा चुकी है.

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