Thursday, November 30

राहुल के अलावा किसी और चेहरे पर सहमत हो सकती है कांग्रेस? बघेल ने कहा- UPA के साथ होगा फैसला

राहुल के अलावा किसी और चेहरे पर सहमत हो सकती है कांग्रेस? बघेल ने कहा- UPA के साथ होगा फैसला


नई दिल्ली

2024 लोकसभा चुनाव में विपक्ष की कप्तानी के सवाल पर कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस में मची रार के बीच छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने संकेत दिया है कि उनकी पार्टी राहुल गांधी के अलावा किसी और चेहरे पर भी सहमत हो सकती है। कांग्रेस नेता ने रविवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के खिलाफ विपक्षी खेमे का चेहरा यूनाइडेट प्रोग्रेसिव अलायंस (यूपीए) की ओर से संयुक्त रूप से तय किया जाएगा।

गौरतलब है कि इससे पहले कांग्रेस के नेता दोहराते रहे हैं कि राहुल गांधी के नेतृत्व में ही लोकसभा चुनाव लड़ा जाएगा। इसी वजह से तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी अब अपना अलग फ्रंट बनाने में जुटी हैं। टीएमसी उन्हें मोदी के खिलाफ सबसे बड़े चेहरे के रूप में पेश करने में जुटी है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस समय अपने लिए समर्थन जुटा रही हैं और इस क्रम में वह यूपीए के साथ रहे कई दलों से भी संपर्क में हैं। ऐसे में बघेल का यह बयान कांग्रेस के बदले रुख का संकेत माना जा रहा है। क्योंकि यूपीए के कई साथी भी दबी जुबान में यह स्वीकार करते हैं कि राहुल गांधी मोदी के सामने मजबूत विकल्प नहीं बन पाए हैं और ऐसे में कांग्रेस को डर है कि ऐसे दल ममता का समर्थन कर सकते हैं।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री को स्पष्ट करना चाहिए कि वह अपनी पार्टी को भाजपा से लड़कर मुख्य विपक्षी दल बनाना चाहती हैं या फिर विपक्ष से लड़कर यह करना चाहती हैं। उन्होंने 'पीटीआई' को दिए इंटरव्यू में यह भी कहा कि कांग्रेस विपक्ष का मुख्य स्तंभ है और उसके बगैर भाजपा के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर कोई मोर्चा संभव नहीं है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बघेल ने कहा कि यूपीए में शामिल दल और इस गठबंधन की प्रमुख सोनिया गांधी मिलकर तय करेंगे कि अगले लोकसभा चुनाव में विपक्ष का चेहरा कौन होगा। यह पूछे जाने पर कि क्या अगले लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी विपक्ष का चेहरा होंगे, उन्होंने कहा, ''संप्रग में कई दल हैं। इसकी प्रमुख सोनिया गांधी जी हैं। सब मिलकर तय करेंगे।'' उनका यह भी कहना था, ''पूरे देश में राहुल जी अकेले नेता हैं जो भाजपा और केंद्र सरकार पर आक्रमण करते हैं…उनको लेकर भाजपा में घबराहाट है। इसलिए हो सकता है कि भाजपा के लोग इनके (तृणमूल कांग्रेस) माध्यम से हमला करा रहे हों।''

ममता और किशोर की टिप्पणियों पर बघेल ने कहा, ''कांग्रेस एकमात्र पार्टी है जो सब जगह है और भाजपा के साथ सीधी लड़ाई में है। हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा, उत्तराखंड और कई ऐसे राज्य हैं जहां भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी लड़ाई है।'' उन्होंने जोर देकर कहा कि आज की तारीख में यह नहीं लगता कि भाजपा के खिलाफ कांग्रेस के बिना कोई राष्ट्रीय मोर्चा बन सकता है।

यह पूछे जाने पर कि क्या आगे कांग्रेस ही विपक्षी गठबंधन का मुख्य स्तंभ होगी, उन्होंने कहा, '''वह तो है ही। कश्मीर से लेकर केरल तक की बात करें तो हर जगह कांग्रेस का अस्तित्व है। हर जगह दूसरे विपक्षी दलों का अस्तित्व कहां है।'' उन्होंने कहा, ''ममता बनर्जी जी से भी यह कहना चाहता हूं कि आप मुख्य विपक्षी दल बनना चाहती हैं, बहुत अच्छी बात है। आप यदि कोई योजना बनाकर और सपना पालकर आगे बढ़ना चाहती हैं तो सब स्वागत करेंगे। लेकिन सवाल यह है कि आप सत्ता पक्ष से लड़कर मुख्य विपक्षी दल बनना चाहती हैं या फिर जो विपक्ष में है उससे लड़कर मुख्य विपक्षी दल बनना चाहती हैं?''

इस प्रश्न पर कि क्या उन्हें यह लगता है कि भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच कोई अंदरूनी सहमति है, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने कहा, ''उन्हें (ममता) ही स्पष्ट करना चाहिए। शरद पवार जी से मिलने के बाद कहती हैं कि संप्रग जैसी कोई चीज नहीं है। लेकिन प्रधानमंत्री से मिलकर निकलीं तो कोई बात सामने क्यों नहीं आई? बताएं कि प्रधानमंत्री से क्या बात हुई? उन्होंने सिर्फ कांग्रेस पर निशाना साधा, आखिर क्या बात है?'' उनके मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस चुनावी राज्यों में कहीं न कहीं भाजपा की मदद कर रही है।

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