बालाघाट
नक्सली मूवमेंट क्षेत्र बालाघाट में ‘आंगनवाड़ी केंद्र’ पढ़ने गए 5 साल के मासूम राजवीर का रहस्यमय तरीके से अपहरण हो गया। बच्चे के लापता होने की जानकारी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को तब लगी जब बच्चे के पिता बेटे को घर ले जाने के लिए पहुंचे। परिजनों, केंद्र प्रभारी सहित स्थानीय लोगों ने बच्चे की खोजबीन की, लेकिन उसका कहीं कोई सुराग नहीं मिला। भरवेली थाना पहुंचे परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने धारा 363 का मामला पंजीबद्ध कर लिया है। अपहरण को नक्सली मूवमेंट से जोड़ने से पुलिस इंकार कर रही है। वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी समीर सौरभ ने भरवेली थाना सहित अतिरिक्त बल बच्चे की तलाश में लगाया है, लेकिन 48 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली है।
बच्चे के पिता विनोद लिल्हारे निवासी बघोली ने पुलिस को बताया कि वह बेटे राजवीर को सुबह करीब 10 बजे गांव के आंगनवाड़ी केंद्र में छोड़ आए थे, जहां से राजवीर लापता हो गया। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से जानकारी ली तो पता चला कि राजवीर केंद्र में अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था, लेकिन खेलते खेलते वह अचानक गायब हो गया, उसकी चप्पल आंगनवाड़ी भवन से ही बरामद हुई हैं। घटना की जानकारी मिलने पर एसपी समीर सौरभ भी ग्राम बघोली पहुंचे और परिजन, ग्रामीण समेत गांव के छोटे बच्चों से पूछताछ की। पुलिस हर स्तर पर बच्चे की तलाश कर रही है। बालाघाट एसपी समीर सौरभ का कहना है कि अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी, टीम हर पहलू पर नजर बनाए है।
वर्जन
मेरा बेटा अपने पापा के साथ अांगनवाड़ी गया था, जहां से वह लापता हो गया। हमने हर जगह उसकी तलाश की, लेकिन कहीं पता नहीं चला। मेरा बेटा कहीं भी हो, सही सलामत घर आ जाना चाहिए।
प्रीति लिल्हारे, लापता बच्चे की मां
राजवीर आंगनवाड़ी केंद्र आया था और बच्चों के साथ खेल रहा था। बच्चा खेलते खेलते अचानक लापता हो गया। परिजनों का कहना है कि वह घर भी नहीं पहुंचा था।
सावित्री नागरे,आंगनवाड़ी कार्यकर्ता

