Tuesday, January 31

शातिर ठगों से रहें सचेत, आम आदमी को तो छोड़िए यहां बैंक को ठग लिया जालसाजों ने

शातिर ठगों से रहें सचेत, आम आदमी को तो छोड़िए यहां बैंक को ठग लिया जालसाजों ने


 बाराबंकी 

 बाराबंकी ऑटो सेल्स का मालिक बताकर जालसाज ने एक्सिस बैंक के ऑपरेटिंग हेड को फोन पर परिजन की बीमारी का हवाला दिया। कहा कि व्हाट्सएप पर वह लेटर हेड भेज रहा है जिससे वह पांच लाख रुपये उसके परिवार वालों को उपलब्ध करा दें। थोड़ी देर बाद व्हाट्सएप पर लेटर हेड की फोटो भी आ गई। बैंक के ऑपरेटिंग हेड ने विश्वास करके पांच लाख रुपये बताए गए खाते में ट्रांसफर करा दिए लेकिन शाम तक लेटर हेड की मूल कॉपी नहीं पहुंची। बाद में बाराबंकी ऑटो सेल्स के अकाउंटेंट ने बैंक में फोन कर पूछा कि कंपनी के अकाउंट से पैसे ट्रांजैक्शन किए गए हैं जबकि उसने कोई लेटर हेड जारी नहीं किया है। इस पर बैंक में हड़कंप मच गया। बैंक के ऑपरेटिंग हेड अपने नुकसान की भरपाई अपने पास से की। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।

लखनऊ के मदेयगंज खदरा के दीनदयाल नगर निवासी मनीष गुप्ता बाराबंकी एक्सिस बैंक शाखा के ऑपरेटिंग हेड हैं। उन्होंने बताया कि दो नवंबर को उनके मोबाइल पर फोन आया और फोन करने वाले ने अपने को बाराबंकी ऑटो सेल्स का मालिक मो. उमर बताया। उसने अपने बिजनेस खाते की डिटेल ली। तीन नवंबर को दोबारा फोन कर उसने कहा कि वह शहर से बाहर है और उसका चेक बुक उसके पास नहीं है। उसके परिवार को मेडिकल इमरजेंसी की जरूरत है। पांच लाख रुपये आप मेरे लेटर हैड के आधार पर ट्रांसफर कर दें। इसकी डिटेल व्हाट्सएप की गई थी। कथित मो. उमर ने बताया था कि शाम तक मूल लेटर हेड भिजवा दिया जाएगा। गुप्ता ने बताया कि मेडिकल इमरजेंसी को देखते हुए उन्होंने बताये गए राकेश कुमार के खाते में पांच लाख रुपये ट्रांसफर करा दिये थे। कथित मो. उमर ने 4 नवंबर को फोन कर चार लाख रुपये और भेजने के लिए कहा। गुप्ता ने बताया कि जब उन्होंने पहले दिए हुए लेटर हेड की डिमांड की तो उनका मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया गया और साथ ही व्हाट्सएप डिटेल हटा दी गई।

उन्होंने बताया कि इसके बाद ही मुख्य खाता धारक के एकाउन्टेन्ट की काल आई कि कंपनी के एकाउन्ट से पांच लाख रुपये डेबिट हो गये है और बाराबंकी आटो सेल्स के द्वारा कोई लेटर हेड जारी नहीं किया गया है। इस पर उन्हें साइबर ठगी की जानकारी हुई। पीड़ित ने बताया कि क्षति प्रतिपूर्ति उन्होंने अपनी पत्नी के अकाउंट से 15 नवंबर को कर दी थी। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मोबाइल नंबर के आधार पर साइबर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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