Saturday, April 20

महिला नव आरक्षकों के शौर्य और कठिन अभ्यास को देखकर भावुक हुए राज्यपाल

महिला नव आरक्षकों के शौर्य और कठिन अभ्यास को देखकर भावुक हुए राज्यपाल


भोपाल

पुलिस प्रशिक्षण में मानवीय मूल्यों का बीजारोपण होना चाहिए। प्रशिक्षण के उपरांत पुलिस कर्मियों पर समाज की सुरक्षा के साथ मानवीय मूल्यों की स्थापना का संकल्प भी होना चाहिए। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने इंदौर में पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय में कार्यक्रम में यह बात कही।  राज्यपाल पटेल यहाँ महिला नव-आरक्षकों की कठोर साधना और अभ्यास को देखकर भावुक भी हो उठे। उन्होंने कहा कि इन आरक्षकों के चमकते चेहरे और तेज देखकर उन्हें प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है। साथ ही, आज ख़ुशी और गर्व के भावों के साथ अश्रु भी बह रहे हैं। उन्होंने नव-आरक्षकों के साहसपूर्ण और हैरतअंगेज करतबों को भी देखा।

राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रशिक्षण महाविद्यालय में बहुत बेहतर ढंग से पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मुझे मध्यप्रदेश पुलिस का उज्जवल भविष्य भी दिख रहा है। उन्होंने कहा कि समाज की सुरक्षा में पुलिस का महती दायित्व है और उन्हें पूर्ण विश्वास है कि पुलिसकर्मी इस दायित्व का पूर्ण ईमानदारी और कर्तव्य भावना से पालन करते रहेंगे।  कार्यक्रम में महिला आरक्षकों ने साहस और शौर्य से परिपूर्ण हैरत अंगेज प्रदर्शन भी किए। उन्होंने सुरक्षा के लिए विभिन्न तरह का मोर्चा बनाकर दिखाया और विभिन्न तरह के हथियारों के संचालन संबंधी कौशल का प्रदर्शन भी किया। महिला आरक्षकों द्वारा बिना हथियारों की लड़ाई और सुरक्षा संबंधी दाँव-पेच का प्रदर्शन भी किया गया। कार्यक्रम में मौजूद दर्शक उस समय हतप्रभ रह गए जब आग के गोलों के बीच में से छलांग लगायी गई। यही नहीं मार्शल आर्ट द्वारा पत्थर तोड़ने का करतब भी प्रदर्शित किया गया। अत्यंत फुर्ती के साथ एक मंज़िल की ऊँचाई में दौड़ते हुए चढ़ जाने का दृश्य भी रोमांचकारी था।

कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक इंदौर हरिनारायणचारी मिश्र , डीआईजी मनीष कपूरिया एवं  चंद्रशेखर सोलंकी,  पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय के पुलिस अधीक्षक निमिष अग्रवाल पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी सहित अन्य अतिथिगण उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *