मधुबनी
जिलावासी कोरोना की दो लहरों को झेल चुके हैं। तीसरे लहर की आहट से लोगों के साथ ही प्रशासनिक व स्वास्थ्य महकमे में खलबली मची हुई है। प्रशासन लोगों को सुरक्षात्मक उपायों के लिए अलर्ट कर रहा है। मास्क व शारीरिक दूरी का पालन करने की अपील की जा रही है। पुलिस ने जगह-जगह मास्क चेकिंग अभियान शुरू कर दिया है। आमलोग भी कोरोना के नए वैरिएंट के सामने आने से चिंतित हैं। हालांकि, बाजार में इसका असर अब तक देखने को नहीं मिल रहा। लोगों में मास्क व शारीरिक दूरी के प्रति उदासीनता स्पष्ट दिख रही है। इधर, स्वास्थ्य विभाग ने संभावित तीसरी लहर से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। पीएम केयर्स फंड से जिला को मिले वेंटिलेटर को चालू करने की कवायद शुरू कर दी गई है। बता दें कि बीते दो लहर में इन वेंटिलेटरों का सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपयोग नहीं हो सका। चिकित्सक व टेक्निशियन के अभाव में ये वेंटिलेटर शोभा की वस्तु बने रहे। अंतत: दूसरी लहर के दौरान स्वास्थ्य विभाग ने चार वेंटिलेटर जिला के एक निजी अस्पताल को दे दिए, ताकि मरीजों को इसका लाभ मिल सके। अब तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए इन वेंटिलेटरों को रामपट्टी स्थित कोविड केयर सेंटर में चालू करने की कवायद शुरू की गई है।
जिला को मिले थे छह वेंटिलेटर
पीएम केयर्स फंड से कोरोना की पहली लहर के बाद जिला को छह वेंटिलेटर उपलब्ध कराए गए थे। मगर, विशेषज्ञ चिकित्सक व कर्मी के अभाव में इसका संचालन शुरू नहीं हो सका था। हालांकि, कोरोना की दूसरी लहर में मई 2021 में चार वेंटिलेटर यहां के एक निजी अस्पताल को दे दिए गए थे। इससे पूर्व जिले को छह वेंटिलेटर में से चार वेंटिलेटर रामपट्टी डेडिकेटेड कोविड हेल्थ केयर में लगाए गए थे। मगर, इसका लाभ एक भी कोरोना संक्रमित को नहीं मिल सका। वहीं, दो वेंटिलेटर की पैकिंग खोली भी नहीं जा सकी थी। बता दें कि कि कोरोना की दूसरी लहर में डेडिकेटेड कोविड हेल्थ केयर में 100 से अधिक लोगो की मौत हो गई। अगर वेंटिलेटर का लाभ मिलता तो शायद कुछ लोगों की जान बचाई जा सकती थी।
निजी अस्पताल से वापस लिए गए वेंटिलेटर
सिविल सर्जन डॉ. सुनील कुमार झा ने बताया कि निजी अस्पताल को दिए गए चार वेंटिलेटर वापस ले लिए गए हैं। वेंटिलेटर सदर अस्पताल में रखा गया है। इसे कोविड केयर सेंटर में लगाया जाएगा।

