Thursday, June 13

जीका वायरस को लेकर उत्तराखंड में स्वास्थ्य विभाग का अलर्ट, इन शहरों पर रहेगा विशेष फोकस 

जीका वायरस को लेकर उत्तराखंड में स्वास्थ्य विभाग का अलर्ट, इन शहरों पर रहेगा विशेष फोकस 


देहरादून
कानपुर सहित उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में जीका वायरस के संक्रमितों का आंकड़ा बढ़ रहा है। इसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी कमर कस ली है। डेंगू की तरह लोगों को बीमार करने वाले जीका वायरस के खात्मे के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सभी उत्तराखंड में स्वास्थ्य केंद्रों को निर्देश दिए गए हैं। सीएमओ डॉ. सुनीता चुफाल ने सभी ब्लॉकों को दोबारा फागिंग कराने के साथ ही स्वच्छता बरकरार रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने घरों में छिड़काव के साथ ही साफ-सफाई रखने के लिए जागरूक भी किया है। इस दौरान डॉ. अविनाश खन्ना ने बताया कि जीका वायरस की बीमारी डेंगू की तरह ही होती है। इसमें कुछ ही अंतर होता है। उन्होंने बताया कि डेंगू एनाफिलीज मच्छर के काटने से होता है और जीका वायरस इसकी दूसरी प्रजाति एडीज एल्वोपिक्स है। इसमें भी शरीर का तापमान बढ़ जाता है और कमजोरी महसूस होती है। इसमें रोगियों में बुखार, चक्कते, जोड़ों और आंखों के पीछे दर्द और उल्टी जैसी दिक्कत हो सकती है। ऐसे ही लक्षण आमतौर पर डेंगू में भी होते हैं। यही कारण है कि लोगों के लिए इन दोनों में अंतर कर पाना कठिन हो जाता है। यह वायरस महिलाओं को अधिक चपेट में ले रहा है।उन्होंने बताया कि खटीमा में डेंगू के मरीज निकलने के बाद स्वास्थ्य विभाग काफी अलर्ट हो गया है। इधर सीएमओ डॉ. सुनीता चुफाल ने बताया कि इस बीमारी से निपटने के लिए पहले से ही डेंगू के 20 वार्ड तैयार किए जा चुके हैं। जीका वायरस की बढ़ती बीमारी को देखते हुए ऊधमसिंहनगर में ग्रामीण इलाकों में इसके लिए जागरूकता के लिए कहा गया है। इसके साथ ही फागिंग भी कराने के लिए निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने लोगों से साफ-सफाई और स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।  

खटीमा में डेंगू के आठ मरीज मिले 
खटीमा। सरकारी अस्पताल में अब तक आठ डेंगू मरीज मिल चुके हैं। अस्पताल में मौजूद निजी लैब में सितंबर से 10 नवंबर तक किए एलाइजा टेस्ट में 86 टेस्ट पॉजिटिव आए हैं।  यह मरीज ओपीडी से चंदन पैथोलॉजी में अपना सैंपल देने आए थे। इसमें राहत की बात यह रही कि एक भी व्यक्ति की मौत डेंगू के चलते नहीं हुई है। अधिकांश लोग घर में ही उपचार के बाद सही हो गए। नागरिक अस्पताल से मरीजों के एलाइजा जांच के लिए 10 नवंबर तक 259 सैंपल भेजे गए थे। जिसमें से 86 सैंपल पॉजिटिव आए हैं। चंदन पैथोलॉजी के फार्मेसिस्ट अतुल भट्ट ने बताया कि उनके यहां एक से 10 नवंबर तक 86 सैंपल एलाइजा जांच के लिए भेजे गए थे जिसमें 47 लोग पॉजिटिव आए हैं। अब तक 259 एलाइजा जांच में 86 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव है।  सीएमएस डॉ. सुषमा नेगी ने कहा किइस समय सात मरीज बुखार वाले हैं। इनमें से एक का एलाइजा रिपोर्ट नेगेटिव है और छह की रिपोर्ट आना अभी शेष है। 

एक सप्ताह में 13 लाख आबादी का होगा सर्वे 
काशीपुर। कोरोना संक्रमण रोकथाम के लिए अब वैक्सीनेसन के लिए डोर-टू-डोर सर्वे शुरू किया जाएगा। इसके तहत कार्यकत्रियां घर-घर जाकर यह पता लगाएंगी कि परिवार में कितने 18 प्लस सदस्य हैं और कितने लोगों ने कोरोना संक्रमण से बचाव की दोनों या एक डोज लगवा ली है? ऊधमसिंह नगर में इस काम के लिए 1300 आशा कार्यकत्रियों का जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। ये आशा वर्कर्स एक सप्ताह में अपने-अपने क्षेत्र में डोर-टू-डोर सर्वे करना होगा। स्वास्थ विभाग के मुताबिक, जिले में लगभग 13 लाख आबादी का सर्वे होना है। जबकि अकेले काशीपुर में 193 आशा कार्यकत्रियों को लगभग दो लाख 20 हजार आबादी का सर्वे करना है।  एलडी भट्ट सरकारी अस्पताल के कोरोना नोडल अधिकारी डॉ.अमरजीत साहनी ने बताया काशीपुर क्षेत्र में गठित टीम ऐसे लोगों को फोन करके अलर्ट कर रहे हैं जिन्होंने वैक्सीनेशन की दूसरी डोज नहीं लगवाई है। 

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