Monday, August 24

त्विषा शर्मा केस में बड़ा खुलासा! FIR के बाद घर के आसपास ही छिपा था समर्थ, CBI चार्जशीट में सामने आया रूटमैप


भोपाल
 नोएडा से भोपाल में ब्याही गई मॉडल एवं अभिनेत्री त्विषा शर्मा की ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में सीबीआई की 636 पन्नों की चार्जशीट से आरोपित पति समर्थ सिंह की फरारी को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। जांच दस्तावेजों के मुताबिक, एफआईआर दर्ज होने के बाद समर्थ तत्काल भोपाल से बाहर नहीं गया था, बल्कि शुरुआती एक-दो दिन तक शहर में ही अलग-अलग ठिकानों पर छिपा रहा।

13 मई की शाम कटारा हिल्स में मिली लोकेशन
चार्जशीट में दर्ज कॉल डिटेल और मोबाइल लोकेशन के अनुसार 13 मई 2026 की शाम करीब छह बजे समर्थ की लोकेशन कटारा हिल्स इलाके में एक परिचित के घर के आसपास मिली थी। बताया गया है कि संबंधित परिवार से समर्थ के पेशेवर संबंध रहे हैं।

इस संबंध में जानकारी लेने के लिए दैनिक जागरण के सहयोगी प्रकाशन नईदुनिया की ओर से परिवार से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद समर्थ के मोबाइल की लोकेशन बरखेड़ी इलाके में ट्रेस हुई।

फोन बंद करता, फिर कुछ देर के लिए होता ऑन
सीबीआई ने समर्थ की गतिविधियों का पता उसके मोबाइल नंबर पर की गई कॉल और उससे जुड़े लोकेशन डेटा के आधार पर लगाया। जांच में सामने आया कि भोपाल में रहने के दौरान समर्थ लगातार फोन कॉल रिसीव नहीं कर रहा था। हालांकि, उसका मोबाइल बीच-बीच में कुछ समय के लिए ऑन होता था, जिससे कॉल और मैसेज की गतिविधियां दर्ज हुईं।

जांच एजेंसी के लिए ये लोकेशन और मोबाइल गतिविधियां उसकी फरारी के शुरुआती दिनों की कड़ियां जोड़ने में महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।

अग्रिम जमानत याचिका पर भाई ने किए थे हस्ताक्षर
चार्जशीट में यह भी उल्लेख है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए समर्थ सिंह की ओर से अग्रिम जमानत याचिका दायर की गई थी। इस याचिका पर उसके बड़े भाई सिद्धार्थ सिंह ने हस्ताक्षर किए थे।

घोषित हुआ था 30 हजार रुपये तक इनाम
त्विषा शर्मा की 12 मई की रात मौत हुई थी। इसके बाद 13 मई की देर रात कटारा हिल्स थाने में दहेज हत्या और आत्महत्या के लिए उकसाने समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस के अनुसार, एफआईआर से पहले ही समर्थ घर से फरार हो चुका था।

मामले ने तूल पकड़ा तो पुलिस ने समर्थ की तलाश के लिए लुकआउट सर्कुलर जारी किया और उस पर 30 हजार रुपये तक इनाम घोषित किया। करीब आठ दिन बाद, 21 मई को समर्थ जबलपुर में सामने आया। वह वहां न्यायालय में आत्मसमर्पण करने की तैयारी में था, लेकिन इससे पहले ही भोपाल पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

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