Sunday, May 17

हंता वायरस को लेकर नई चिंता: क्या यह ब्रेस्ट मिल्क और स्पर्म से फैल सकता है? जानिए सच्चाई

हंता वायरस को लेकर नई चिंता: क्या यह ब्रेस्ट मिल्क और स्पर्म से फैल सकता है? जानिए सच्चाई


 हंता वायरस को लेकर इन दिनों एक नई चिंता सामने आ रही है. सोशल मीडिया और कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि ये खतरनाक वायरस ब्रेस्ट मिल्क और स्पर्म के जरिए भी फैल सकता है. इसके बाद लोगों के मन में डर बढ़ गया है, खासकर उन परिवारों में जहां छोटे बच्चे या प्रेग्नेंट महिलाएं हैं. हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसे मामले बेहद रेयर हैं और बिना पूरी जानकारी के घबराने की जरूरत नहीं है.

कब हुई थी इस तरह की चर्चा की शुरुआत
इस चर्चा की शुरुआत 2023 में जर्नल वायरसेस में पब्लिश एक स्टडी के बाद हुई. इस रिसर्च में पाया गया कि चूहों से फैलने वाले एंडीज स्ट्रेन का वायरल आरएनए इंसानी स्पर्म में रिकवरी के कई साल बाद तक मौजूद रह सकता है. स्विट्जरलैंड के स्पीएज लैबोरेटरी के साइंटिस्ट्स ने अपनी रिसर्च में बताया कि एंडीज वायरस मेल रिप्रोडक्टिव ट्रैक्ट में लंबे समय तक टिक सकता है, ठीक वैसे ही जैसे इबोला और जीका जैसे कुछ दूसरे वायरस. रिसर्च में कहा गया कि एंडीज वायरस में सेक्शुअल ट्रांसमिशन की संभावना हो सकती है, लेकिन अब तक ऐसा कोई कन्फर्म केस सामने नहीं आया है.

क्या रिकवरी के बाद भी हो सकता है इंफेक्शन?
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन रिसर्च सेल के कन्वीनर डॉ. राजीव जयदेवन ने HealthandMe से बातचीत में बताया कि रिकवरी के बाद स्पर्म में वायरस का आरएनए मिलना कोई नई बात नहीं हैय उनके मुताबिक कम से कम 27 अलग-अलग वायरस में ऐसा देखा जा चुका है. डॉ. राजीव कहते हैं, टेस्टिस बॉडी का ऐसा हिस्सा है जो इम्यून सिस्टम से काफी हद तक सुरक्षित रहता है. इसी वजह से कुछ वायरस वहां लंबे समय तक बने रह सकते हैं. हालांकि उन्होंने साफ किया कि रिसर्च में सिर्फ वायरल आरएनए मिला था, जिंदा वायरस नहीं. यानी अभी तक इस बात का सबूत नहीं है कि रिकवरी के बाद भी वायरस इंसान को इंफेक्टेड कर सकता है.

क्या ब्रेस्ट मिल्क को लेकर भी होती है दिक्कत?
ब्रेस्ट मिल्क को लेकर भी एक स्टडी ने चिंता बढ़ाई थी. सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के जर्नल इमर्जिंग इन्फेक्शियस डिजीज रिसर्च में चिली की एक इंफेक्टेड मां के ब्रेस्ट मिल्क में एंडीज वायरस के जीनोम और प्रोटीन मिलने की बात कही गई थी. रिसर्चर्स का मानना था कि इससे मां से बच्चे में वायरस पहुंचने की संभावना हो सकती है.

आम लोगों को जरूरत से ज्यादा डरने की जरूरत नहीं
लेकिन डीवाई पाटिल विद्यापीठ, पुणे के प्रोफेसर और एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. अमिताव बनर्जी ने healthandme से कहा कि ऐसे मामले बेहद कम हैं. उन्होंने बताया कि ब्रेस्ट मिल्क के जरिए हंता वायरस फैलने के केस बहुत रेयर हैं. आम लोगों को जरूरत से ज्यादा डरने की जरूरत नहीं है. डॉ. अमिताव के मुताबिक बीमारी के शुरुआती तेज बुखार वाले फेज में मां कुछ समय के लिए ब्रेस्टफीडिंग रोक सकती है, क्योंकि उस दौरान वायरल लोड ज्यादा होता है. लेकिन सिर्फ डर की वजह से हमेशा के लिए ब्रेस्टफीडिंग बंद करना सही नहीं माना जाता.

हंता वायरस और एचआईवी में बड़ा फर्क

एक्सपर्ट्स का कहना है कि हंता वायरस और एचआईवी में बड़ा फर्क है. एचआईवी लंबे समय तक बॉडी फ्लूइड्स में बना रहता है, जबकि हंता वायरस आमतौर पर रिकवरी के बाद शरीर से खत्म हो जाता है. डॉ. अमिताव बनर्जी ने ये भी कहा कि आरटी- पीसीआर टेस्ट बेहद सेंसिटिव होते हैं और कई बार सिर्फ वायरस के मृत कणों को भी पकड़ लेते हैं. इसलिए अगर किसी टेस्ट में वायरल मटेरियल मिल जाए, तो इसका मतलब हमेशा ये नहीं होता कि इंसान अभी भी दूसरों को इंफेक्टेड कर सकता है. फिलहाल एक्सपर्ट्स के पास ऐसा कोई मजबूत सबूत नहीं है जिससे साबित हो कि रिकवरी के लंबे समय बाद हंता वायरस सेक्शुअली फैलता है.

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