Saturday, April 20

और भी ज्यादा संक्रामक हो सकता है Covid-19 का अगला वैरिएंट: WHO

और भी ज्यादा संक्रामक हो सकता है Covid-19 का अगला वैरिएंट: WHO


नई दिल्ली
देश ही नहीं दुनियाभर में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिेएंट के मामले तेजी से कम होने लगे हैं, लेकिन इसी बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बड़ी चेतावनी दी है. WHO का कहना है कि कोरोना का अगला वैरिएंट ज्यादा संक्रामक और ज्यादा घातक हो सकता है. WHO की महामारी विशेषज्ञ डॉ. मारिया वान केरखोव ने कहा कि महामारी अभी खत्म नहीं हुई और आने वाले वैरिएंट ओमिक्रॉन की तुलना में ज्यादा संक्रामक होंगे. उन्होंने ये बातें वीकली ब्रीफिंग में कहीं.उन्होंने कहा कि अगला वैरिएंट ज्यादा संक्रामक होगा और इसका मतलब ये है कि अभी जो तबाही मच रही है, उससे कहीं ज्यादा तबाही मच सकती है. हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि अगला वैरिएंट ज्यादा गंभीर होगा या नहीं, ये अब भी बड़ा सवाल है.

उन्होंने कहा कि अगला वैरिएंट इम्युनिटी को चकमा दे सकता है और वैक्सीन का असर भी कम हो सकता है. लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि ओमिक्रॉन की लहर में हम देख चुके हैं कि वैक्सीन गंभीर बीमारी और मौत से बचाने में कारगर है.

डेल्टा और ओमिक्रॉन कैसे आए?

– कोरोना का डेल्टा वैरिएंट पहली बार अक्टूबर 2020 में भारत में मिला था. इसे WHO ने वैरिएंट ऑफ कंसर्न बताया था. अल्फा वैरिएंट की तुलना में डेल्टा 50 फीसदी ज्यादा संक्रामक था.

– डेल्टा वैरिएंट की वजह से ही भारत में दूसरी लहर आई थी. इससे कोरोना के मामलों और मौतों की संख्या तेजी से बढ़ी थी. जून 2021 तक ये यूके, इजरायल, रूस, ऑस्ट्रेलिया समेत दुनिया के कई देशों तक पहुंच गया था.

– नवंबर 2021 के आखिर में दक्षिण अफ्रीका में ओमिक्रॉन वैरिएंट मिला था. डेल्टा की तुलना में ओमिक्रॉन कम गंभीर है, लेकिन ये उससे 2 से 4 गुना ज्यादा संक्रामक है.

– डॉ. वान केरखोवे ने चेताते हुए कहा कि इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि समय के साथ कोरोना कमजोर पड़ता जाएगा.

– दक्षिण अफ्रीका के स्टीव बीको एकेडमिक हॉस्पिटल में हुई एक स्टडी में कोरोना महामारी के जल्द अंत की ओर इशारा किया गया है.

– इस स्टडी के आधार पर संभावना जताई गई है कि ओमिक्रॉन महामारी को एंडेमिक फेज में लेकर आ गया है.

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