Monday, April 15

4 दशक बाद ताजा हुई याद, दिवंगत प्रशिक्षु शिक्षकों किया नमन

4 दशक बाद ताजा हुई याद, दिवंगत प्रशिक्षु शिक्षकों किया नमन


रायपुर। छत्तीसगढ़ के चार दशक पूर्व के बालाघाट बीटीआई में द्वि वर्षीय आवासीय शैक्षणिक प्रशिक्षण प्राप्त प्रशिक्षुओं का रंगारंग मिलन कार्यक्रम सिविक सेंटर भिलाई में 7 नवंबर 21 को संपन्न हुआ। इस मिलन कार्यक्रम की शुरूवात डेढ़ दर्जन दिवंगत साथियों को श्रृद्धांजलि अर्पित करते हुए की गई समस्त गुरुओं का नमन स्मरण किया गया।

पंडित भोमेश्वर दुबे कुशालपुर रायपुर, महंत हेमलाल सोनबोईर ने पुरानी यादों की काव्य गंगा में डुबकी लगवाने का काम किया  बिलासपुर से पधारी सहायक शिक्षक से प्राचार्य पद पर वर्तमान में पदासीन श्रीमती मीरा राज, रिसाली भिलाई की श्रीमती रेणु उयके ने भी अपने अनुभव बांटे। प्राचार्य रामकुमार देवांगन, शत्रुघ्न गजेंद्र,  पूरन लाल माली ने आध्यात्म और अध्ययन से जोड़ा। भिलाई इस्पात संयंत्र में पदस्थ हुए राधेश्याम सार्वा,कपिल ठाकुर, रोमन लाल साहू ने अपनी प्रगति के राज खोले। डी एल टंडन  के क्रांतिकारी विचार एवं राजेंद्र निषाद के मनुहार ने कार्यक्रम को रोचक बना दिया  उद्योग विभाग में फ्लाई किए सुशील शर्मा , पोस्टल विभाग के बामदेव कौशल , दान सिंह ठाकुर दल्ली राजहरा से आए खुमान ठाकुर ने भी दिल जीत लिया।

सहायक शिक्षक से ट्रेजरी विभाग फिर राज्य प्रशासनिक सेवा में एस डी एम,ज्वाइंट कलेक्टर पदस्थ रहे व वर्तमान में सचिव (छत्तीसगढ़ शासन )पद पर सुशोभित आई आर देहारी ने अपनी प्रगति संघर्ष यात्रा को साझा किया। दूरदर्शन आकाशवाणी गायक शिव कुमार अंगारे ने छत्तीसगढ़ी गीत गाकर समा बांध दिया। प्राचार्य हरी सेवक मेश्राम ने अपनी प्रगति यात्रा के साथ ही अपने बच्चों के चिकित्सक बनने की कथा सुनाई.78–80 के इस गौरवशाली बैच ने उल्लेखनीय प्रगति की  वहीं एक दर्जन से अधिक साथियों के बच्चे मेट्रो के साथ ही विदेशों में सेवारत हैं।

कार्यक्रम में ग्राम घुरसेना से मुंबई निवासी हुए मुंबई से पधारे  सहायक शिक्षक से सरकारी बैंक में सहायक महाप्रबंधक पद तक पहुंचे हृदय तिवारी ने सेवानिवृति के बाद भी विविध बैंकों से सस्ता लोन दिलाने बैंकों के चैनल पार्टनर बनने व मुंबई में सस्ती प्रापर्टी दिलाने अपना स्वयं का आॅफिस खोलने की बात बताते हुए परंपरागत तरीके से कार्यक्रम का संचालन किया। वहीं  कार्यक्रम संयोजक नारायण सिंह ठाकुर ने आई आर देहारी की प्रशासनिक क्षमता का लोहा  मानते हुए  उनके साथ 47 रुपए प्रति माह पर हेड दोनों टाइम खाने के लोवेस्ट बिल का रिकार्ड बताते हुए सबका धन्यवाद किया। सुस्वादु भोज के साथ पांच घंटे निरंतर चले इस  उल्लासित जीवंत प्रथम मिलन कार्यक्रम की सफल मेजबानी स्थानीय दुर्ग और भिलाई के साथियों ने की।

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