शंघाई
रिकर्व तीरंदाज सिमरनजीत कौर और कंपाउंड तीरंदाज साहिल जाधव ने शुक्रवार को उतार-चढ़ाव भरे अभियान में भारत के लिए अप्रत्याशित रूप से शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने पहले तीरंदाजी विश्व कप में पदक की उम्मीदें बरकरार रखी हैं।
एशियाई खेलों की टीम कांस्य पदक विजेता सिमरनजीत ने विश्व कप के दूसरे चरण में सेमीफाइनल में पहुंचकर व्यक्तिगत रूप से मिले अवसर का भरपूर फायदा उठाया। वह इससे पहले क्वालीफाइंग दौर में दीपिका कुमारी से तीन अंक पीछे रहने के कारण भारतीय महिला टीम में जगह बनाने से चूक गई थीं।
ताइवान की खिलाड़ी ने दी मात
हरियाणा की 27 वर्षीय खिलाड़ी ताइवान की किशोरी फोंग यू झू को सीधे सेटों में 6-0 (27-24, 28-26, 29-26) से हराकर विश्व कप में अपना पहला पदक जीतने से सिर्फ एक जीत दूर है। इससे पहले फोंग ने दूसरे दौर में भारत की शीर्ष क्रम की तीरंदाज अंकिता भकत को चौंका दिया था। सिमरनजीत ने क्वार्टर फाइनल में चीनी ताइपे की 19 वर्षीय खिलाड़ी के खिलाफ नौ तीरों में से सिर्फ छह अंक गंवाते हुए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन जारी रखा। उनके सामने अब सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया की विश्व नंबर एक खिलाड़ी कांग चेयांग की चुनौती होगी। यह उनके करियर की सबसे कठिन चुनौती है। इस मुकाबले में हारने पर भी उनके पास प्लेऑफ के जरिए कांस्य पदक जीतने का मौका रहेगा।
दीपिका कुमारी को मिली हार
भारत की अनुभवी खिलाड़ी दीपिका कुमारी और किशोरी कुमकुम मोहद प्री-क्वार्टर फाइनल तक पहुंचीं, लेकिन मजबूत प्रतिद्वंदियों से हार गईं। दीपिका को दक्षिण कोरिया की चेयांग से हार का सामना करना पड़ा जो मौजूदा विश्व चैंपियन और टोक्यो ओलंपिक टीम स्वर्ण पदक विजेता हैं। वहीं कुमकुम को मैक्सिको की अनुभवी खिलाड़ी एलेजांद्रा वालेंसिया से हार मिली, जो दो बार की ओलंपिक टीम कांस्य पदक विजेता हैं। धीरज बोम्मादेवरा पुरुषों के रिकर्व वर्ग में भारतीयों में सर्वश्रेष्ठ रहे। उनका अभियान भी प्री-क्वार्टर फाइनल में फ्रांस के खिलाड़ी जीन-चार्ल्स वलाडोंट से 0-6 से हारकर समाप्त हुआ।

