Thursday, June 13

आयरन की कमी के लक्षण

आयरन की कमी के लक्षण


आयरन की कमी आपके स्वास्थ्य के लिए कई तरह से हानिकारक है। महिलाओं में इसकी कमी सबसे ज्यादा देखी जाती है। पीरियड्स के दिनों में ज्यादा ब्लीडिंग होने के बाद और नई माओं के बच्चे के विकास के लिए दोगुने आयरन की मात्रा की जरूरत होती है। आयरन हीमोग्लोबिन का जरूरी घटक है। कहने को तो यह मिनरल प्राकृतिक रूप से कई खाने की चीजों में पाया जाता है। कई लोग तो अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए आयरन की खुराक पर ही निर्भर रहते हैं।

विशेषज्ञ बताते हैं कि आयरन की कमी से निपटने के दौरान आपका शरीर एनीमिया जैसी स्थितियों से ग्रस्त हो जाता है। इस दौरान रेड ब्लड सेल्स टिश्यू तक ऑक्सीजन को प्रभावी ढंग से पहुंचाने की अपनी क्षमता खो देते हैं। इसका असर आपके शरीर पर ही नहीं, बल्कि नाखूनों और त्वचा पर भी दिखता है। हालांकि यदि आप आयरन की कमी से जूझ रहे हैं, तो इनके सामान्य लक्षणों के बारे में भी जानना चाहिए।

​आयरन की कमी के लक्षण-

    दिल की धड़कन में उतार-चढ़ाव
    थकावट
    सांस में कमी
    खुजली महसूस होना
    सिरदर्द
    असामान्य रूप से चिकनी जीभ
    निगलने में कठिनाई होना
    बालों का झड़ना
    ताकत में कमी आना

लेकिन यह सब ही आयरन की कमी के लक्षण नहीं है। बल्कि आयरन की कमी के कुछ लक्षण आपकी त्वचा, नाखूनों पर भी दिखाई दे सकते हैं। यहां तक की यह आपके स्वाद की भावना भी प्रभावित कर सकता है। आयरन की कमी से शरीर का रंग पीला पड़ जाना, नाखूनों का आकार बदल जाना और मिटेलिक जैसा स्वाद आने जैसे लक्षण भी दिखाई देते हैं।

​कितनी मात्रा में करना चाहिए आयरन का सेवन

National Health Service of England के अनुसार, आयरन की कमी के जोखिम से बचने के लिए 20 मिग्रा आयरन का सेवन दिनभर में जरूरी है।

    18 वर्ष से ज्यादा आयु के पुरूषों को 8.7 मिग्रा आयरन की जरूरत होती है।
    19-50 वर्ष की आयु की महिलाओं को 14.8 मिग्रा आयरन का सेवन करना चाहिए।
    50 वर्ष से ज्यादा की आयु की महिलाओं को 8.7 मिग्रा की जरूरत होती है।

​आयरन का जोखिम सबसे ज्यादा किसे है

महिलाएं सबसे ज्यादा आयरन की कमी से जूझती हैं। इसके अलावा अगर गर्भवती महिला के शरीर में पर्याप्त हीमोग्लोबिन नहीं है, तो गर्भस्थ शिशु के लिए यह हानिकारक हो सकता है। बहुत सी महिलाओं में गर्भवती होने से पहले ही आयरन की कमी होती है। शोध बताते हैं कि 10 में से 6 गर्भवती महिलाओं में एनीमिया है। विशेषज्ञों के अनुसार, सप्लीमेंट डाइट का विकल्प चुनते समय एक दिन में 17 मिग्रा आयरन लेना पर्याप्त है।

​शरीर में आयरन का स्तर बढ़ाने के टिप्स

    संतरे का जूस पीने से शरीर में आयरन की कमी को पूरा किया जा सकता है।
    विटामिन सी शरीर को आयरन को बेहतर तरीके से अवशोषित करने में मदद करता है। बता दें कि ताजे फलों और सब्जियों में विटामिन सी से भरपूर रस और खाद्य पदार्थ होते हैं।

​आयरन की कमी को दूर करने वाले खाद्य पदार्थ

खून की कमी से जूझ रहे लोगों में एनीमिया का खतरा ज्यादा होता है और वे आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थ खाने और सप्लीमेंट लेने से इसका इलाज किया जा सकता है। आयरन की कमी को दूर करने के लिए आप अपने आहार में राजमा, चना, सोयाबीन का आटा, सूखे खुबानी, अनाज, दाल और लाल मांस को शामिल करें।

तो अगर आगे से आपको अपनी त्वचा और नाखूनों पर यहां बताए गए लक्षण दिखाई दें, तो यह आयरन की कमी का संकेत हो सकता है। इस दौरान आपको अपने आयरन के स्तर की जांच करानी चाहिए और बेहतर अवशोषण के लिए ज्यादा से ज्यादा विटामिन सी का सेवन करना चाहिए।

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