Saturday, April 20

‘हिजाब का नाटक’ पांच राज्यों के चुनावी दंगल में भी असर, कर्नाटक के मंत्री बोले-विवाद के पीछे कांग्रेस का हाथ

‘हिजाब का नाटक’ पांच राज्यों के चुनावी दंगल में भी असर, कर्नाटक के मंत्री बोले-विवाद के पीछे कांग्रेस का हाथ


बेंगलुरु। कर्नाटक के स्कूलों में हिजाब पर बैन करने का मामला अब राजनीति रंग ले चुका है। पहले राहुल गांधी और फिर प्रियंका गांधी के tweet ने इसे और हवा दे दी है। कर्नाटक से शुरू हुआ 'हिजाब का नाटक' पांच राज्यों के चुनावी दंगल में भी असर दिखाने लगा है। खासकर, उत्तर प्रदेश में इसे लेकर विरोधी दलों के कई बयान सामने आए हैं। इसके अलावा दिल्ली, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में भी समर्थन और विरोध में प्रदर्शन होने लगे हैं। इस बीच कर्नाटक के राजस्व मंत्र आर. अशोक ने इसके पीछ कांग्रेस की राजनीति बताई है। उधर, पुडुचेरी के अरियानकुप्पम स्थित एक सरकारी स्कूल में छात्रा को कथित तौर पर स्कार्फ हटाने को कहे जाने पर विवाद हो गया। स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के प्रतिनिधि, थंथई पेरियार द्रविड़ कड़गम, डीएम के पदाधिकारी स्कूल पहुंचे। मामला 7 फरवरी का है। इस मामले में स्कूल शिक्षा निदेशालय ने जांच के आदेश दिए हैं।

कर्नाटक के कई कॉलेजों में हिजाब पहनकर आने वाली छात्राओं की NO ENTRY के मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई हो रही है। इस बीच राजनीति बयानबाजियां भी शुरू हो गई हैं। कर्नाटक के राजस्व मंत्री आर. अशोक ने इसके पीछे कांग्रेस का हाथ बताया है। उन्होंने कहा सरकार हिजाब या केसरिया के पक्ष में नहीं है। स्टूडेंट्स गलियों में जो चाहें पहनें, लेकिन स्कूलों में ड्रेस कोड अनिवार्य है। स्टूडेंट्स की सुरक्षा को देखते हुए स्कूल और कॉलेज को बंद किया है। इस राजनीति के पीछे कांग्रेस का हाथ है। बता दें कि इस मामले को प्रियंका गांधी के tweet ने और हवा दे दी है। उन्होंने लिखा-चाहे वह बिकिनी हो, घूंघट हो, जींस की जोड़ी हो या हिजाब; यह तय करना एक महिला का अधिकार है कि वह क्या पहनना चाहती है। यह अधिकार भारतीय संविधान द्वारा गारंटीकृत है। महिलाओं को प्रताड़ित करना बंद करो। #ladkihoonladsaktihoon. इससे पहले राहुल गांधी ने tweet किया था-हिजाब को शिक्षा के रास्‍ते में लाकर भारत की बेट‍ियों का भविष्‍य बर्बाद किया जा रहा है। राहुल गांधी ने भाजपा पर तंज कंसते हुए कहा था कि, 'मां शारदा सभी को बुद्धि दें।'

हिजाब विवाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उछलने लगा है। नोबेल पुरस्कार विजेता मलाला युसुफजई (Malala Yousafzai) के बाद पाकिस्तान के बड़बोले सूचना मंत्री शाह महमूद का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम लड़कियों को शिक्षा से वंचित रखना उनके मानवाधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने विवादास्पद टिप्पणी करते हुए कहा कि दुनिया को समझना होगा कि भारत में मुसलमानों का दमन प्लान है। बता दें कि इससे पहले मलाला  ने हिजाब विवाद पर तंज कसा है जिसमें आरोप लगाया गया है कि मुस्लिम छात्राओं को कर्नाटक में हिजाब पहनकर परिसरों और कक्षाओं में प्रवेश करने की अनुमति नहीं है। लड़कियों की शिक्षा की हिमायत करने वाली एक्टिविस्ट मलाला ने ट्वीट किया कि लड़कियों को उनके हिजाब में स्कूल जाने से मना करना भयावह है।

दिल्ली विश्वविद्यालय में मुस्लिम स्टूडेंट्स फेडरेशन ने डीयू के नॉर्थ कैंपस में प्रदर्शन किया। वे कर्नाटक सरकार के फैसले का विरोध कर रहे थे। उधर, महाराष्ट्र में हिजाब पर बैन के समर्थन पर हस्ताक्ष अभियान चलाया गया।

हिजाब बैन को लेकर शुरू हुए विवाद को हिंदू-मुस्लिम रंग देने की कोशिश जारी है। मंगलवार को मांड्या के एक कॉलेज में छात्रों जय श्री राम के नारे के बीच छात्रा ने अल्लाहु अकबर के नारे लगाए। इस मुस्लिम छात्रा को लेकर सोशल मीडिया पर लोग अलग-अलग तरह से प्रतिक्रिया कर रहे हैं। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस छात्रा की तारीफ करते हुए उसे बहादुर बताया था। वहीं, जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष हजरत मौलाना महमूद असद मदनी ने लड़की को 5 लाख रुपए देने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अपने संवैधानिक और धार्मिक अधिकारों के लिए विरोध की तेज और गर्म हवा के सामने डट कर मुस्कान ने पूरे हौसले से मुकाबला किया।

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