Saturday, December 3

हर परिवार को भूखंड देने की योजना सिर्फ ग्रामीण इलाकों में होगी लागू

हर परिवार को भूखंड देने की योजना सिर्फ ग्रामीण इलाकों में होगी लागू


भोपाल
प्रदेश में हर आदमी को भूखंड देने के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री आवासीय भू अधिकार योजना के अंतर्गत सिर्फ ग्रामीण इलाकों में रहने वालों को ही भूखंड मिल सकेंगे। शहरी इलाकों में रहने वालों के लिए इस योजना में कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे में जिसे भूखंड की जरूरत हो उसका ग्राम में निवास और मतदाता सूची में नाम होना जरूरी है। यह प्रावधान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा हर व्यक्ति को भूखंड देने के लिए लागू की गई योजना में किया गया है जिसके आदेश और नियम राजस्व विभाग ने जारी कर दिए हैं।
मुख्यमंत्री आवासीय भू अधिकार योजना में कहा गया है कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्र में हर ग्राम पंचायत में आबादी भूमि पर पात्र परिवारों को आवासीय भूखंड उपलब्ध कराने के लिए यह योजना शुरू कर रही है। आबादी से आशय ऐसी भूमि से है जिसमें किसी ग्राम में उसके निवासियों के निवास के लिए या उससे आनुषांगिक प्रयोजन के लिए समय-समय पर आरक्षित क्षेत्र और इसके किसी अन्य सजातीय मद जैसे ग्राम स्थल या गांव स्थान तय किए गए हैं। आबादी क्षेत्र सिर्फ ग्रामीण इलाकों में ही होता है, यह शहरी इलाकों में नहीं होता है। आबादी भूमि उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में दखलरहित भूमि, आबादी तथा वाजिब उल अर्ज नियम 2020 के आधार पर कलेक्टर इसके लिए भूमि चिन्हित कर सकते हैं।

इन्हें नहीं मिलेगा आवासीय भूखंड
हर परिवार को भूखंड देने के लिए शुरू की गई योजना में जिन लोगों को भूमिस्वामी अधिकार पत्र के लिए अपात्र माना गया है उसमें ऐसे परिवार जिनके पास स्वतंत्र रूप से रहने के लिए आवास है। पांच एकड़ से अधिक जमीन है। पीडीएस दुकान से राशन प्राप्त करने के लिए पात्रता पर्ची धारित नहीं करता है। परिवार का कोई सदस्य आयकर दाता है। परिवार का कोई सदस्य शासकीय सेवा में है। आवेदक जहां भूखंड चाहता है वहां एक जनवरी 2021 के लिए बनी मतदाता सूची में नाम नहीं है। इसमें यह भी स्पष्ट किया गया है कि आवेदक परिवार को संबंधित ग्राम का निवासी होना जरूरी है। अधिकतम 60 वर्गमीटर का भूखंड इस योजना में दिया जा सकेगा।

सारा पोर्टल पर आवेदन
इस योजना में भूखंड प्राप्त करने के लिए सारा (एसएएआरए) पोर्टल पर आनलाइन आवेदन करना होगा। साथ ही आधार कार्ड और समग्र आईडी नम्बर के साथ अन्य पारिवारिक जानकारी देना होगी। तहसीलदार पूरे आवेदनों का परीक्षण कराने के बाद इसके लिए शासन के नियमों के मुताबिक कार्यवाही करेंगे।

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