Thursday, February 29

मनेरगा, डीमएफ और सिचाई विभाग के सहयोग से पानी बचाने का काम शुरू

मनेरगा, डीमएफ और सिचाई विभाग के सहयोग से पानी बचाने का काम शुरू


कवर्धा। किसानों को खेत-किसानी के काम के लिए पर्याप्त पानी की उपलब्धता हो, गांव के निस्तारी के समस्या का समाधान और साथ ही भूजल स्तर में बढ़ाने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार अलग अलग काम कर रही है। कबीरधाम जिले में ग्रामीण किसानों के मांग पर छत्तीसगढ़ के कैबिनेट व जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर के प्रयासों से जल संवर्धन व जल संरक्षण की दिशा में बरसात की पानी को सहेज कर उस पानी का समुचित उपयोग करने की दृष्टि से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के साथ जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) फंड का विभागीय मद से अभिसरण से पिपरिया एनीकेट डिसिल्टिंग, गेट रिपेयर और मरम्मत कार्य को जल संसाधन विभाग के साथ मिलकर कराया जा रहा है। कार्य प्राम्भ होते ही इसके बेहतर परिणाम स्थानीय ग्रामीणों को मिलने लगा हैं।

तीन विभागों को मिलाकर 27 लाख 88 हजार रुपए की लागत से हो रहे इस कार्य में मनरेगा योजना से 8 लाख रुपए मजदूरी पर और 5 लाख 29 हजार रुपए सामग्री पर व्यय निर्धारित था और शेष राशि 13 लाख 13 हजार रुपये डीएमएफ मद से और 1 लाख 46 हजार रुपए जल संसाधन विभाग के विभागीय मद से स्वीकृति दी गई है। इस कार्य में ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिला है। चालू वित्त वर्ष 2021-22 में 25 जून से हो रहे इस कार्य में  4145 मानव दिवस रोजगार का सृजन होना प्रस्तावित है  जिसमें 193 रुपये प्रति दिवस के दर से मजदूरी भुगतान किया जाना है। कार्य मे अभी तक 336 मानव दिवस रोजगार ग्रामीणों को मिला है जिसमे 64 हजार 8 सौ 48 रुपये का मजदूरी भुगतान हुआ है तथा वर्तमान में कार्य  प्रगतिरत है।

जल संसाधन संभाग विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री दिनेश भगोरिया ने बताया कि सकरी नदी पर बांध कम रोड बनी हुई है जो कि ग्राम झिरना, ग्राम पंचायत चारडोंगरी विकासखंड कवर्धा में स्थित है। एनीकेट एवं उसके आसपास पानी के बहाव क्षेत्र में बड़ी मात्रा पर गाद (सिल्ट) जमा हो जाने के कारण पानी का बहाव आगे नहीं बढ़ पाता था तथा जल संवर्धन की दिशा में बरसात का पानी यूं ही जाया हो जाता था। स्थानीय ग्रामीणों की मांग पर महात्मा गांधी नरेगा योजना और  डीएमएफ फंड व जल संसाधन विभाग के मद को मिलाकर पिपरिया एटीकेटी डिसिल्टिंग, गेट रिपेयर एवं मरम्मत कार्य कराया गया। कार्य 200 मीटर लंबा और 70 मीटर चौड़ा सहित कुल 14000 वर्ग मीटर में हुआ है। इस कार्य के हो जाने से आसपास क्षेत्र के लगभग तीन गांव जिसमें मुख्य रुप से झिरना, पिपरिया और परसवारा के ग्रामीणों को अत्यधिक लाभ हो रहा है। खेतों के लिए पानी सीधे मिलने लगा है और साथ में ग्रामीणों को रोजगार भी मिला है।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विजय दयाराम के. ने बताया कि शासन की मंशा अनुरूप गांव में जल स्रोतों का उन्नायन कर स्थानीय ग्रामीणों को कृषि कार्य हेतु पानी की उपलब्धता हो यह सुनिश्चित किया जाना है। यही कारण है कि कबीरधाम जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, जल संसाधन विभाग कवर्धा वा डीएमएफ के अभिसरण से यह कार्य नरवा उन्नयन की दिशा में एक और कदम है। मनरेगा योजना से 13 लाख 29 हजार रुपए की स्वीकृति दी गई है तथा शेष कार्य हेतु राशि डीएमएफ एवं विभागीय मद के माध्यम से  योजनाओं का अभिसरण करते कार्य हो रहा है। कार्य से स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार मिल रहा है साथ ही उनके खेतों के लिए पानी की व्यवस्था सहज रूप से उपलब्ध हों रहा है जो सीधे तौर पर धान, गन्ना एवं अन्य फसलों के काम में आ रहा है। इसके अतिरिक्त निस्तारी के लिए उपयोग हो रहा है। उन्होंने बताया कि ऐसे कार्यों को प्राथमिकता के तौर पर तकनीकी रूप से प्रशिक्षित विभाग द्वारा कराया जा रहा है जिससे ग्रामीणों को इसका सही लाभ मिल सके। ग्रामीणों को उनका उपज बढ़ाने में मदद मिल सके जो सीधे तौर पर उनके आर्थिक लाभ से जुड़ा हुआ है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *