Saturday, December 3

आ गई कोरोना की दवा! मध्यप्रदेश में बाजार खुले, कुछ ऐसा होगा लॉकडाउन 0.5

आ गई कोरोना की दवा! मध्यप्रदेश में बाजार खुले, कुछ ऐसा होगा लॉकडाउन 0.5


भोपाल.  कोरोना के कारण मध्यप्रदेश के चार प्रमुख शहरों इंदौर, भोपाल, उज्जैन और जबलपुर संभाग की स्थिति काफी तनावपूर्ण है। लेकिन इसके बावजूद भी लगभग 60 दिनों के बाद कारोबार को गति देने के लिए लॉकडाउन में ठील बढ़ा दी गई है। क्योंकि व्यापारियों ने कहा था कि लंबे लॉकडाउन से कारोबार पर बुरा असर पड़ रहा है। वहीं, कोरोना की दवा के आने का भी दावा किया जा रहा है, हालांकि, अभी इसके इस्तेमाल के लिए आधिकारिक घोषणा होना बाकी है।
इंदौर में सरकारी दफ्तर और मंडियों में काम शुरू हो गया है, लेकिन आम जनता की आवाजाही पर 31 दिसंबर तक रोक जारी रहेगी। इसी तरह भोपाल में सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक बाजार खोलने की अनुमति दे दी है। हालांकि, धारा-144 अभी भी जारी है। शाम 7 बजे से सुबह 7 बजे तक घर से निकलने पर पाबंदी पूर्व की जारी रहेगी।
उज्जैन में लॉकडाउन 31 मई तक जारी रहेगा। यहां 1 जून से लॉकडाउन खोलने की तैयारी है। यहा के लिए एक अच्छी खबर यह है कि शहर के तीन और तराना का एक एरिया कंटेनमेंट मुक्त हो चुका है।  उज्जैन में कुल 614 पॉजीटिव मरीज हैं और अब तक 54 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि, 261 मरीज टीक हो चुके हैं।
61 दिन बाद जबलपुर शहर के बाजारों को अलग-अलग खोलने की जिला प्रशासन ने मंजूरी दे दी है। यहां बाजार सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक खुलेंगे। हालांकि, कंटेंटमेंट एरिया में पाबंदी जारी रहेगी। जबलपुर में लगभग 220 कोरोना पॉजिटिव हैं और लगभग 9 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है। हालांकि, 150 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुकेे है। लेकिन महाकोशल-विंध्य और बुंदेलखंड के दमोह, पन्ना में कोरोना मरीजों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। प्रवासी मजदूरों की वापसी के बाद मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। डिंडोरी में 7, सिंगरौली में 4, बालाघाट में 3, नरसिंहपुर में 3, दमोह में 2, सतना, शहडोल, पन्ना, सीधी, मंडला, रीवा में 1-1 नया संक्रमित मिला है।
आ गई कोरोना की दवा…
इसी बीच, सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (सीडीएससीओ) की एक्सपर्ट कमेटी ने काेराेना की दवा बताई जा रही रेमडेसिविर काे क्लीनिकल ट्रायल के बिना ही मरीजाें काे देने की सिफारिश की है। हालांकि, दवा बनाने की अनुमति देने वाली संस्था सीडीएससीओ ने अभी अंतिम फैसला नहीं लिया है।

दवा निर्माता अमेरिकी कंपनी गिलियाड साइंसेज ने भारतीय दवा कंपनियों के साथ समझौता किया है। इसके तहत सिप्ला और हिटेरो ने दवा बनाने और बेचने की अनुमति मांगी थी। दवा देने से पहले मरीजों की सहमति अनिवार्य होगी। यह दवा सिर्फ गंभीर मरीजाें काे दी जाएगी। मरीजों पर दवा के प्रभाव का अध्ययन भी किया जाएगा। सब ठीक रहा तो जून अंत तक दवा बाजार में आ सकती है। अभी यह तय नहीं है कि इसे केंद्र सरकार राज्यों को सप्लाई करेगी या राज्य सीधे खरीद सकेंगे। स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि चर्चा के अनुसार रेमडेसिविर की कीमत 75 हजार से तीन लाख के बीच है। इंस्टीट्यूट ऑफ क्लीनिकल एंड इकोनॉमिक रिव्यू ने भी दवा की कीमत का आकलन किया है।

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