Tuesday, November 29

जनरल प्रमोशन की आस टूटी, स्टूडेंट्स को देनी होगी परीक्षा, सीएम ने ट्वीट कर बताई वजह

जनरल प्रमोशन की आस टूटी, स्टूडेंट्स को देनी होगी परीक्षा, सीएम ने ट्वीट कर बताई वजह


‘मामा’ ने की छात्रों की मांग खारिज, नहीं मिलेगा जनरल प्रमोशन, ट्वीट कर बताई वजह

एजुकेशन डेस्क कोरोना संकट के दौर में मध्यप्रदेश के लाखों स्टूडेंट्स की उम्मीद पर पानी फिर गया। जनरल प्रमोशन की आस लगाए बैठे छात्रों की मांग को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खारिज कर दिया। दरअसल कोरोना की वजह से 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं अधूरी रह गई थीं। साथ ही तमाम विश्वविद्यालयों और अन्य कॉलेजों में भी कई सेमेस्टर की परीक्षाएं नहीं हो पाई थीं। ऐसे में लाखों छात्र उम्मीद कर रहे थे कि कोरोना काल में उन्हें राहत देते हुए सरकार सभी को जनरल प्रमोशन दे। इसके लिए बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स सोशल मीडिया के माध्यम से जनरल प्रमोशन की मांग कर रहे थे। सरकार पर लगातार दबाव बन रहा था कि वो छात्रों की मांग पर संज्ञान लेते हुए कोई फैसला सुनाए।

ट्वीट में सीएम का जवाब

इन हालातों में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट के जरिए छात्रों को जवाब दिया। शुक्रवार को उन्होंने अलग-अलग 6 ट्वीट किए। इसमें उन्होंने लिखा कि छात्रों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए ही परीक्षा की नई तारीखें दी गई हैं। सरकार ऐसा कोई भी कदम नहीं उठाएगी जिससे छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो। सीएम ने आगे लिखा कि छात्रों का भविष्य तभी खतरे में होगा, जब उनकी परीक्षा रद्द कर जनरल प्रमोशन दिया जाएगा।

सीएम ने कांग्रेस पर साधा निशाना

एक अन्य ट्वीट में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने लिखा कि छात्रों की परीक्षा न लेकर और जनरल प्रमोशन देकर उनका आगे का जीवन बर्बाद नहीं किया जा सकता। सीएम ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस नेता लगातार छात्रों को कोविड-19 का डर दिखाकर जनरल प्रमोशन की मांग करने के लिए बरगला रहे हैं। छात्र को आगे बढ़ने के लिए उच्च शिक्षा की जरूरत होती है।

ऐसे की इमोशनल अपील

इन ट्वीट के जरिए छात्रों को समझाने की कोशिश की गई है कि वे जनरल प्रमोशन की जिद छोड़ अपनी परीक्षाओं पर ध्यान केन्द्रित करें। सीएम के ट्वीट के बाद अब छात्रों के सामने संकट है क्योंकि कॉलेज बंद होने से पिछले दो माह से उनकी पढ़ाई नहीं हो पाई है। साथ ही ऑनलाइन एजुकेशन के कल्चर में ढलने में भी अभी वक्त लगेगा ऐसे में छात्र ये उम्मीद कर रहे थे कि इस साल जनरल प्रमोशन के सहारे उनकी नैया पार हो जाएगी। लेकिन सीएम के ट्वीट से सरकार की मंशा साफ हो गई है।

 

10वीं के छात्रों को मिली थोड़ी राहत

हालांकि इसके पहले सरकार 10वीं के छात्रों को थोड़ी राहत दे चुकी है। 10वीं के जो पेपर बाकी रह गए थे उन्हें रद्द कर उन सभी विषयों में छात्रों को पास किया जाएगा। ऐसे में जो पेपर लिये गये थे उन्हीं के आधार पर छात्रों का रिजल्ट तैयार होगा और उन्हीं मार्क्स के आधार पर ग्रेड और मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी

12वीं के छात्र कर रहे परीक्षा की तैयारी

हालांकि 12वीं के छात्रों को ये राहत नहीं मिल पाई और उनके बचे हुए पेपर जून माह में लिये जाएंगे। इसके पीछे भी सरकार ने तर्क दिया था कि 12वीं का रिजल्ट छात्रों का भविष्य और करियर तय करता है ऐसे में सभी को जनरल प्रमोशन देना प्रतिभावान छात्रों के साथ अन्यायपूर्ण होगा।

EDIT BY : DIPESH JAIN

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