Friday, February 23

31 MBA कालेज नहीं खोल सके अपना खाता, शून्य हुये एडमिशन

31 MBA कालेज नहीं खोल सके अपना खाता, शून्य हुये एडमिशन


भोपाल
अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) और प्रदेश के विश्वविद्यालयों ने एमबीए कालेजों को खुलकर मान्यता और संबद्धता बांट दी हैं। बंदरबांट को देख तकनीकी शिक्षा सचिव मुकेश चंद्र गुप्ता ने एमबीए की गुणवत्ता को बनाये रखने के लिये कालेजों काउंसलिंग में शामिल नहीं करने पर रोक लगाई थी। इसके बाद भी करीब चालीस सोसायटी ने मान्यता लेकर एमबीए के 40 नये कालेज आगामी सत्र 2021-22 में प्रवेश करने विभाग की काउंसलिंग में भागीदारी कर दी है। आलम यह है कि दो राउंड की काउंसलिंग होने के बाद 31 कालेजों में एक भी प्रवेश नहीं हुआ है। इसमें एक दर्जन कालेज भोपाल में संचालित हो रहे हैं। अब उक्त कालेजों की पास सिर्फ सीएलसी का भरोसा है। यहां चूकने के बाद उन्हें नये सत्र में काफी आर्थिक नुकसान उठाना पडेगा।

राजधानी में सबसे ज्यादा बीस, इंदौर में आधा दर्जन, जबलपुर, देवास और ग्वालियर में एक-दो नये एमबीए कालेज स्थापित होकर प्रवेश दे रहे हैं, जिसकी प्रवेश स्थिति काफी अच्छी नहीं हैं। सूबे के 31 कालेजों में प्रवेश की स्थिति शून्य है। वे 24 अक्टूबर से शुरू होने वाली सीएलसी से प्रवेश कराने की पुरजोर कोशिश में लग गये हैं। क्योंकि उन्हें प्रवेश कराने के लिये सिर्फ दो दिन ही मिलेगी। विभाग एआईसीटीई के आदेश के तहत 25 अक्टूबर को काउंसलिंग पर विराम लगा देगा। वर्तमान में राज्य में 202 एमबीए कालेज हैं, जिनमें करीब 35 हजार सीटें मौजूद हैं। अभी तक विभाग दो राउंड की काउंसलिंग पूरी कर चुका है। 18 हजार 200 विद्यार्थियों ने ही दाखिले लिये हैं। अभी भी प्रदेश में 17 हजार से ज्यादा सीटें रिक्त बनी हुई हैं। कॉमन मैनेजमेंट एडमिशन टेस्ट (सीमेट) से प्रवेश लेने दोनो राउंड में करीब 2450 विद्यार्थियों ने पंजीयन कराये, जिसमें विभाग ने 2700 विद्यार्थियों में अलाटमेंट किया और प्रवेश 1620 विद्यार्थी ही प्रवेश लेने कालेज तक ही पहुंचे।

अध्ययन और मैनेजमेंट स्थिति ठीक नहीं
उक्त 31 कालेजों में  से एक भी सीट पर प्रवेश नहीं हुये हैं। इससे कालेजों की अध्ययन और मैनेजमेंट व्यवस्था की कलाई जरुर खुल गई है। कालेज प्रबंधन अपनी रिक्त सीटों पर प्रवेश का ग्राफ बढाने के लिये दलालों की मदद ले सकते हैं। इस साल भी प्रवेश करा ग्राफ बढाने के लिये दलालों से विद्यार्थियों की दस्तावेजों की फाइल लेकर कमिशन देने की व्यवस्था जमाई है।

ब्रांड भी पडे फीके
विद्यार्थी वर्तमान में प्लेसमेंट और कालेज की फीस पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं। इसलिए उक्त 31 कालेज में प्रदेश ही नहीं बल्कि देश में अपनी छाप छोडने वाले कालेज में एक भी प्रवेश नहीं हुये हैं। तकनीकी शिक्षा विभाग की वेबसाइट में ब्रांडेड कालेज की सीटों के आगे एडमिशन में जीरो लिखा हुआ है। वहीं करीब पचास से ज्यादा कालेजों में एक से दस तक के दाखिले नहीं करा सके हैं। उन्हें भी सीएलसी पर भरोसा करना पड रहा है।

जीरो हासिल करने वाले कालेजों की सूची
भोपाल

  • आदर्श कालेज आफ बिजनेस मैनेजमेंट भोपाल
  • आईईएस कालेज आफ मैनेजमेंट भोपाल-2
  • डक कालेज आफ मैनेजमेंट भोपाल -2
  • अभिलाषा कालेज आफ मैनेजमेंट भोपाल
  • पटेल कालेज आफ टेक्नालाजी-2
  • जयहिंद कालेज आफ मैनेजमेंट भोपाल
  • मिथलेश इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट भोपाल
  • सेम कालेज आफ मैनेजमेंट भोपाल
  • श्री राधाकृष्ण कालेज भोपाल
  • राजदीप ग्लोबल इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट भोपाल

इंदौर

  • आर्तेमिसिया बिजनेश स्कूल इंदौर-2
  • इदिय्ल्लक इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट इंदौर
  • आईपीएस एकेडमी इंदौर-2
  • मथुरादेवी इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट इंदौर
  • नेओतेच इंस्टीट्यूट आपु मैनेजमेंट स्टडीज इंदौर
  • ्नरादिंत इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट एंड साइंस इंदौर
  • संघवी इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट एंड साइंस इंदौर-2

अन्य शहर

  • ज्ञानोदय इंस्टीट्यूट आफ प्रोफेशनल स्टडीज देवास
  • संजीवनी इंटरनेशनल देवास
  • आदर्श महाविद्यालय राजगढ
  • राधादेवी रामचंद्र मंगल स्कूल आफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च नीमच
  • एकता कालेज सीहोर-2
  • महात्मा गांधी चित्रकूट विवि  चित्रकूट
  • गुरू द्रोण कालेज टोंकखुर्द

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