Saturday, November 26

92 प्रतिशत शिक्षकों को लगा टीका, देश के 22 राज्यों में फिर से खुले स्कूल

92 प्रतिशत शिक्षकों को लगा टीका, देश के 22 राज्यों में फिर से खुले स्कूल


नई दिल्ली
देश मे 92 फीसदी से ज्यादा शिक्षण कर्मियों को टीका लग चुका है। केंद्र सरकार के अंतर्गत आने वाले संस्थानों में 96 प्रतिशत से अधिक शैक्षणिक कर्मियों का टीकाकरण किया जा चुका है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को देश भर में शिक्षकों के टीकाकरण की स्थिति और स्कूलों को फिर से खोलने की समीक्षा की। इस दौरान यह जानकारी सामने आई। उन्होंने स्किलिंग इकोसिस्टम में भी टीकाकरण की स्थिति की समीक्षा की। बैठक में कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर और शिक्षा राज्य मंत्री राजकुमार रंजन सिंह भी उपस्थित थे।

प्रधान नियमित रूप से शैक्षणिक कर्मियों और गैर शैक्षणिक कर्मियों के टीकाकरण की निगरानी कर रहे हैं ताकि, स्कूलों को फिर से खोलने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए सक्षम वातावरण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने देश में बड़े पैमाने पर हो रहे तेजी से टीकाकरण के मद्देनजर शैक्षणिक संस्थानों में सामान्य स्थिति और जीवंतता बहाल करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
मंत्रालय के आंकड़ों से यह भी पता चला है कि दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, केरल और असम सहित 22 राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों ने पहली से 12 वीं कक्षा के लिए स्कूल फिर से खोल दिए हैं। जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, गोवा और पुडुचेरी सहित छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने कक्षा 9वीं से 12वीं के लिए स्कूल फिर से खोल दिए हैं। इसी तरह, लद्दाख, गुजरात, पंजाब, नागालैंड और झारखंड सहित छह राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों ने कक्षा 6 से 12 वीं में नामांकित छात्रों के लिए स्कूल फिर से खोल दिए हैं।

मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि केवल पश्चिम बंगाल और मणिपुर में स्कूलों को फिर से खोलना बाकी है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पिछले हफ्ते घोषणा की थी कि 16 नवंबर से कक्षा 9 से 12 के लिए स्कूल फिर से खुलेंगे, मणिपुर ने अभी तक इस मामले पर कोई फैसला नहीं लिया है।

मार्च 2020 से स्कूल बंद रहने के साथ, केंद्र ने राज्य सरकारों को पिछले साल अक्टूबर में कोविड -19 स्थिति को ध्यान में रखते हुए फिर से खोलने पर निर्णय लेने की अनुमति दी थी। जबकि कई राज्यों ने आंशिक रूप से कक्षाएं फिर से शुरू कर दी थीं, जो कि इस साल अप्रैल में देश में बीमारी की दूसरी लहर आने के बाद फिर से पूरी तरह से बंद हो गया था।

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