Thursday, July 25

सीएम पुष्कर सिंह धामी पहुंचे बदरीनाथ धाम, कहा- मास्टर प्लान को मिले 250 करोड़, तीर्थयात्रियों से की बात

सीएम पुष्कर सिंह धामी पहुंचे बदरीनाथ धाम, कहा- मास्टर प्लान को मिले 250 करोड़, तीर्थयात्रियों से की बात


देहरादून
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को बदरीनाथ धाम पहुंच कर भगवान श्री बद्रीनाथ की विशेष पूजा अर्चना की। उन्होंने देश और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इस दौरान रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी, धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने पूजा अर्चना कराई। मुख्यमंत्री अपने कार्यक्रम के तहत गुरुवार को बद्रीनाथ धाम पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बदरीनाथ धाम में तीर्थयात्रियों से बातचीत करते हुए यात्रा व्यवस्थाओं के संबध में जानकारी भी ली।  पत्रकारों से वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत बद्रीनाथ धाम के लिए मास्टर प्लान के तहत कार्य चल रहा है। इसके लिए 250 करोड़ की धनराशि भी प्राप्त हो गई है। मुख्यमंत्री ने बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत संचालित कार्यों का निरीक्षण करते हुए प्रस्तावित कार्यों में तेजी लाने के भी निर्देश दिए।

देवस्थानम बोर्ड भंग करने की मांग
चार धाम तीर्थ पुरोहित हक हकूक धारी महापंचायत समिति ने देवस्थानम बोर्ड को भंग करने की मांग की। महापंचायत के अध्यक्ष कृष्णकांत कोटियाल व महामंत्री हरीश डिमरी ने कहा कि तीन नवंबर को केदारनाथ धाम कूच किया जाएगा। इसमें सभी तीर्थ पुरोहित, हकहकूकधारी भाग लेंगे। जब तक बोर्ड भंग नहीं हो जाता, आंदोलन जारी रहेगा। जो भी सरकार के प्रतिनिधि केदारनाथ धाम आएंगे, उनका विरोध किया जाएगा।

समिति में शामिल नहीं किया गया कोई सदस्य
चार धाम महापंचायत के प्रवक्ता डॉ. बृजेश सती ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बयान पर आपत्ति जताई है। जिसमें उन्होंने कहा है कि मनोहर कांत ध्यानी की अध्यक्षता वाली हाई पावर कमेटी में चारों धामों के आठ सदस्य नामित किए गए हैं। डॉक्टर सती ने कहा कि 11 सितंबर को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में तीर्थ पुरोहितों के साथ आयोजित बैठक में इस पर निर्णय किया गया था।  महापंचायत की ओर से मुख्यमंत्री कार्यालय को आठ नाम प्रेषित किए गए थे। अभी तक इन आठ लोगों को हाई पावर कमेटी में सदस्य नामित नहीं किया गया। मनोहर कांत ध्यानी ने मुख्यमंत्री को जो अंतरिम रिपोर्ट प्रेषित की है वह बतौर अध्यक्ष प्रेषित की है। इसमें चारों धामों का कोई सदस्य शामिल नहीं था। महापंचायत समिति की रिपोर्ट का भी विरोध करती है।
 

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