Thursday, June 13

कलेक्टर कॉन्फ्रेंस – छत्तीसगढ़ शांति का टापू है, कानून व्यवस्था को बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री

कलेक्टर कॉन्फ्रेंस – छत्तीसगढ़ शांति का टापू है, कानून व्यवस्था को बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री


रायपुर
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज यहां न्यू सर्किट हाउस के आॅडिटोरियम में कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस आयोजित हुई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सभी जिला कलेक्टरों से कहा कि ने ग्रास रूट पर मूलभूत प्रशासन पर अधिकतम ध्यान केंद्रित किया जाए। मंत्रालय से लिए गए निर्णय को धरातल पर पहुँचाने का बीड़ा जिला प्रशासन पर है। इसकी समीक्षा आँकड़ों से नहीं, छत्तीसगढ़ के नागरिकों को इन योजनाओं से पहुँचे प्रत्यक्ष लाभ से परफार्मेंस का आँकलन किया जाएगा।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि – राजस्व प्रशासन के कार्य सीधे तौर पर किसानों, आम नागरिकों से जुड़े हुए हैं। जिला प्रशासन इसे सर्वाेच्च प्राथमिकता दे। शासन और प्रशासन के मध्य परस्पर संवाद आवश्यक है, इसीलिए आज हम सब यहाँ एक परिवार की भाँति उपस्थित हैं। कोविड महामारी में प्रशासन ने बहुत बेहतर ढंग से कार्य किया है। आज छतीसगढ़ की अभिनव परियोजनाओं के कारण छत्तीसगढ़ मॉडल की चर्चा पूरे देश में हो रही है। उन्होंने ने कहा कि कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी जिला दंडाधिकारी की है। जिला दंडाधिकारी को टीम लीडर के रूप में कार्य करना है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करते हुए सोशल मीडिया के माध्यम से फैल रहे अफवाह और दुष्प्रचार का कठोरता से खंडन जरूरी है। जिला दंडाधिकारी साप्ताहिक समीक्षा बैठक के पूर्व पुलिस अधीक्षक, कार्यपालिक दंडाधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था की समीक्षा करें।

इस बैठक में पिछले सप्ताह की स्थिति की समीक्षा की जाए और आने वाले सप्ताह में कानून-व्यवस्था की स्थितियों का पूवार्नुमान लगाएं और रणनीतिक योजनायें बनायें।  शासन प्रशासन की पैठ स्थापित होनी चाहिए। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि प्रशासन की सजगता से ही कानून व्यवस्था की स्थिति बेहतर हो सकती है। संचार क्रांति के दौर में एक स्थान की घटना का असर पूरे प्रदेश और देश में होता है, इसलिए जिम्मेदारी बहुत अधिक है। छत्तीसगढ़ शांति का टापू है, कानून व्यवस्था को बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है। सोशल मीडिया पर उचित पर्यवेक्षण जरूरी है। सूचना ही शक्ति है, जिला प्रशासन का सूचना तंत्र सुदृढ़ किया जाना जरूरी है। गलत तथ्यों का खंडन करें, अफवाह न फैलने दें। प्रशासन का इकबाल होना चाहिए। विरोध प्रदर्शन से मुझे परहेज नहीं है लेकिन योजनाबद्ध रूप से माहौल बिगाड?े की साजिश को सफल नहीं होने दिया जाना है। जिले का आसूचना तंत्र विकसित करें। हर हाल में सौहार्द्र का वातावरण बना रहना चाहिए। सांप्रदायिक सद्भाव छत्तीसगढ़ी संस्कृति की पहचान है, किसी भी व्यक्ति या संस्था को इसे बिगाड?े नहीं दिया जाएगा।

बैठक में कृषि मंत्री रविंद्र चौबे, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक डी. एम. अवस्थी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणु जी.पिल्ले, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू सहित प्रमुख सचिव, विभिन्न विभागों के सचिव, कमिश्नर, जिलों के कलेक्टर तथा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहें।

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