Tuesday, January 31

राज्य शासन के मोह के कारण,अटक सकती है दो IPS अफसरों की प्रतिनियुक्ति की अनुमति

राज्य शासन के मोह के कारण,अटक सकती है दो IPS अफसरों की प्रतिनियुक्ति की अनुमति


 भोपाल

प्रदेश के दो आईपीएस अफसरों का प्रतिनियुक्ति पर जाने का प्रस्ताव अटक सकता है। दरअसल राज्य सरकार दोनों अफसरों को छोड़ना नहीं चाहती है। इनमें से एडीजी रैंक के एक अफसर एक रेंज की कमान संभाले हुए हैं, जबकि एक डीआईजी रेंज में पदस्थ हैं। वहीं एक कमांडेंट को जल्द ही शासन प्रदेश से रिलीव करने वाली है।

सूत्रों की मानी जाए तो ग्वालियर एडीजी रेंज डी श्रीनिवास वर्मा और भोपाल पुलिस कमिश्नर एवं एडीजी मकरंद देउस्कर प्रतिनियुक्ति पर जाना चाहते हैं। इसके लिए दोनों ही अफसरों ने राज्य शासन से इसके लिए अनुमति चाही है। वहीं ग्वालियर रेंज की डीआईजी एन चित्रा भी प्रतिनियुक्ति पर जाना चाहती है। उन्होंने भी राज्य शासन से इसके लिए अनुमति चाही है। बताया जाता है कि राज्य शासन एडीजी रैंक के दोनों ही अफसरों को छोड़ना नहीं चाहती है, इसलिए इन दोनों अफसरों के प्रस्ताव को अनुमति दिए जाने का मामला अटक सकता है। वहीं एन चित्रा के प्रतिनियुक्ति पर जाने की संभावना है। मकरंद देउस्कर और डी श्रीनिवास वर्मा दोनों ही अफसर वर्ष 1997 बैच के अफसर हैं। जबकि एन चित्रा वर्ष 2006 बैच की अफसर हैं।

रुडाल्फो होंगे रिलीव, अंशुमान सिंह आएंगे वापस
कमांडेंट छठवीं वाहिनी रुडाल्फो अल्वारेज भी इसी महीने रिलीव होने जा रहे हैं। वे प्रतिनियुक्ति पर वाइल्ड लाईफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो जा रहे हैं। दिसंबर में उन्हें रिलीव कर दिया जाएगा। रुडाल्फो अल्वारेज वर्ष 2009 बैच के अफसर हैं। वहीं वर्ष 2006 बैच के अफसर अंशुमान सिंह की प्रतिनियुक्ति की अवधि समाप्त हो रही है। वे अभी भोपाल में ही सेंट्रल एकेडमी फॉर पुलिस ट्रैनिंग (सीएपीटी ) में अस्सिटेंट डायरेक्टर के पद पर पदस्थ हैं। प्रतिनियुक्ति से इसी महीने वापस आ रहे हैं। वे बतौर डीआईजी आएंगे।

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