Saturday, April 20

स्थापना दिवस: भोपाल बर्थ डे विलीनीकरण दिवस, ग्वालियर का अटल जी के साथ, इंदौर का अहिल्या जयंती

स्थापना दिवस: भोपाल बर्थ डे विलीनीकरण दिवस, ग्वालियर का अटल जी के साथ, इंदौर का अहिल्या जयंती


भोपाल
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि हर गांव और शहर का जन्मदिन मनाने के लिए इतिहास या अन्य तिथियों का निर्णय ग्राम सभा या शहर सरकार के जरिये किया जाएगा। भोपाल का रियासत के विलीनीकरण के दिन 1 जून को, इंदौर का देवी अहिल्याबाई की जयंती 31 मई को और ग्वालियर का जन्मोत्सव भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस 25 दिसंबर को मनाया जा सकता है। हालांकि अभी यह तय नहीं है, जिला प्रशासन ने इसके प्रस्ताव मंत्रालय भेजे हैं। इसी तरह हर गांव के लिए चर्चा कर दिन तय करना है।

राज्य सरकार अब प्रदेश के 53738 गांवों का गजेटियर तैयार करेगी। गजेटियर तैयार करने का यह काम ग्राम गौरव दिवस के जरिये किया जा सकेगा। गांव का जन्मदिन कब मनाया जाना है, इसका निर्धारण 14 अप्रेल तक करना होगा। इसको लेकर पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग ने कलेक्टरों को निर्देश भी जारी कर दिए हैं और स्थापना दिवस तय कर उसे हर साल गौरव दिवस के रूप में मनाने के लिए कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव का जन्मदिवस मनाने संबंधी बैठक जो साल में कम से कम एक बार होनी है, उसमें गांव में पैदा हुए सभी व्यक्तियों को जाना है।

चाहे वह आईएएस, आईपीएस हो या मुख्यमंत्री ही क्यों न हो? मैं मुख्यमंत्री हूं लेकिन हूं तो गांव का ही, इसलिए मेरी भी जिम्मेदारी गांव को लेकर बनती है। गांव विकास को लेकर जो अच्छा काम कर सके, उसे करना चाहिए। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि सरकारी योजनाओं का सौ फीसदी क्रियान्वयन कराना गांव के लोगों की जिम्मेदारी है। लोगों की अपेक्षा रहती है कि सबकुछ सरकार करे लेकिन जब तक लोगों के मन में विकास की तड़प नहीं होगी, तब तक समूचा विकास नहीं होगा। ग्राम का जन्मदिवस भी तीन दिन मनेगा, पहले दिन खेल कूद, दूसरे दिन भजन कीर्तन और तीसरे दिन अन्य कार्यक्रम किए जाएंगे।

निर्देश: सरकार की तय रणनीति पर अमल किया जाना है…
पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग द्वारा सभी कलेक्टरों, सीईओ जिला पंचायत से कहा गया है कि हर ग्राम पंचायत के हर गांव में ग्राम गौरव दिवस मनाए जाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए शासन द्वारा तय की गई रणनीति पर अमल किया जाना है। हर जिले से दो और हर जनपद से तीन मास्टर ट्रेनर का चयन इसके लिए किया जाना है। इन्हें टेÑनिंग देकर कार्यक्रम की मूल अवधारणा से अवगत कराया जाएगा। इसके बाद मास्टर ट्रेनर्स क्लस्टर लेवल पर टेÑनिंग देंगे जिसमें पंचायतों के प्रशासकीय समिति सदस्य, ग्राम पंचायत के शिक्षक, सचिव, रोजगार सहायक और अन्य ग्रामीणजन शामिल होंगे। फिर पहले चरण में जिले के बड़े और महत्वपूर्ण गांवों में ग्राम सभा होंगी जिसमें जिले से नोडल अधिकारी शामिल होंगे। इसके बाद बाकी गांवों की व्यवस्था होगी। इन सभी गांवों में ग्राम सभाओं का आयोजन 14 अप्रेल को अंबेडकर जयंती तक पूरा करना है।

ऐसे तैयार होंगे गजेटियर
पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि ग्राम सभा की बैठक बुलाकर ग्राम गौरव दिवस तय करने के लिए गांव के किसी ऐतिहासिक दिवस को, गांव के किसी महापुरुष, स्वतंत्रता सेनानी या राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिलब्ध पुरुष-महिला के जन्म दिन को ग्राम गौरव दिवस के रूप में तय किया जा सकेगा। गांव से बाहर रहने वाले व्यक्ति को आमंत्रित करने के लिए जिला स्तर पर तैयार किए गए आमंत्रण पत्र के जरिये उसे आमंत्रित किया जाएगा। ग्राम सभा की बैठक में ग्राम विकास की भविष्य की रणनीति, विकास का खाका तय किया जाएगा। कलेक्टरों को दिए निर्देश में कहा गया है कि पुराने अभिलेख, गजेटियर, बीसीएनवी तथा तहसील के अभिलेख के माध्यम से हर ग्राम पंचायत का गजेटियर विकसित किया जाए। इसके लिए सभी जरूरी दस्तावेज एकत्र करने की जिम्मेदारी तय की गई है।

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