Friday, June 14

बस्तियों के गरीबों को EWS आवास देगी सरकार, सरकार ने तय की नीति

बस्तियों के गरीबों को EWS आवास देगी सरकार, सरकार ने तय की नीति


भोपाल
प्रदेश में पर्यावरण की दृष्टि से खतरनाक स्थलों में बसी मलिन बस्तियों (अनटेलनेबल बस्ती) जो नदी किनारे, तालाब, पहाड़ी या दलदल वाले इलाके और राष्टÑीय उद्यान, अभ्यारण, प्रमुख सड़कों, रेलवे ट्रेक, ट्रंक तथा बुनियादी ढांचों के लिए चिन्हित की गई जमीनों पर बसी है उन्हें पीएम आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए नीति तय कर दी गई है।

अनटेनेबल बस्तियो, संवेदनशील स्थानों, सार्वजनिक उपयोग और सेवाओं से जुड़े स्थलों के रूप में चिन्हित स्थानों पर बसी मलिन बस्तियों के रहवासियों को कुछ शर्तें पूरी करने पर पीएम आवास योजना के तहत ईडब्ल्यूएस आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। यह आवास उन परिवारों को मिलेगी जिनकी वार्षिक आय 3 लाख रुपए से कम हो।  परिवार में पति-पत्नी और अव्यस्क संताने शामिल रहेंगी। अविवाहित बालिग संतान हो माता-पिता पर आश्रित न हो और उनकी आय तीन लाख वार्षिक से ज्यादा नहीं हो तो वे भी पृथक आवास के लिए पात्र होंगे। ऐसे अविवाहित बालिग जो ईडब्ल्यूएस की आय श्रेणी के हो और उनके माता पिता भी अनिवार्य रूप से ईडब्ल्यूएस आय श्रेणी परिवार के हो उन्हें हितग्राही के रूप में मान्य किया जाएगा। मध्यप्रदेश के मूल निवासी, आवासहीनों को इस सुविधा का लाभ मिलेगा। देश के किसी भी क्षेत्र में आवेदक या परिवार के सदस्यो के नाम कोई पक्का आवास नहीं हो उन्हें ही इस योजना में आवास की पात्रता होगी।

मलिन और गैर मलिन बस्ती के आवेदकों के आवेदनों पर विचार करने, जांच और परीक्षण के बाद स्वीकृति के लिए मेयर इन कौंसिल और प्रेसिडेंट इन कौंसिल के समक्ष पेश किए जाएंगे।सड़क के किनारे, फुटपाथ पर अस्थायी संरचना निर्माण कर रहने वाले आश्रय विहीन परिवार भी इसमें स्लम हितग्राही के रूप में मान्य होंगे। बालिग अविवाहित आवेदक रोजगार तथा ईडब्ल्यूएस आय श्रेणी में होने की दशा में ही हितग्राही के रूप में मान्य होगा।

जो मलिन बस्ती में कच्चे आवास, झुग्गी में स्वयं के अथवा किराये के आवास में रहते हो।  शासकीय भूमि अनटेनेबल पर मलिन बस्ती में कच्चे, पक्के आवास में निवासरत हो। आवेदक आश्रयविहीन हो अर्थात खुले में सार्वजनिक स्थल पर ही जीवन यापन कर रहा हो। आवेदक गैर मलिन बस्ती में किराये के आवास में संबंधी के साथ निवासरत हो, आवेदक गैर मलिन बस्ती में कच्चे आवास, झुग्गी झोपड़ी में रहता हो।

ंआधार कार्ड, आवासहीन होने का शपथ पत्र, वैवाहिक होने पर पति-पत्नी का संयुक्त फोटो, बालिग, अविवाहित, विधवा, विधुर होने पर स्वयं का फोटो, बैंक खाते की प्रति, मलिन, गैर मलिन बस्ती में निवासरत होने पर निवास के साथ आवेदक का फोटो, अविवाहित बालिग की दशा में आवेदक तथा उसके माता-पिता का संयुक्त स्वप्रमाणित शपथ पत्र जिसमें आवेदक या माता पिता दोनो का ईडब्ल्यूएस आय श्रेणी के होने का कथन, स्थाई पता, मोबाइल नंबर, आधार कार्ड और रोजगार का विवरण तथा आय प्रमाणपत्र देना होगा।

 स्वीकृति मिलने के बाद हितग्राही को दस फीसदी राशि जमा कराकर पंजीयन कराना होगा। केन्द्र और राज्य सरकार इसमें तीन लाख रुपए तक की राशि देंगे। बाकी राशि बैंक ऋण के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी। मलिन बस्ती में हितग्राही से अधिकतम दो लाख रुपए अंशदान लिया जा सकेगा। नान स्लीम श्रेणी के हितग्राहियों से आवास निर्माण की लागत के आंकलन के आधार पर केन्द्र, राज्य की अनुदान राशि तथा निकाय द्वारा तय क्रास सब्सिडी को घटाकर शेष राशि अंशदान के रूप में ली जाएगी। केन्द्र, राज्य अंश, क्रास सब्सिडी और बैंक कर्ज स्वीकृत होंने तथा निर्माण पूरा होने पर विक्रय अभिलेख जारी कर आवास आधिपत्य दिया जाएगा।

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