Friday, February 3

डीलर के बेटे को अगवा कर ले जा रहे नक्सलियों की पुलिस से मुठभेड़ में मारा गया हार्डकोर नक्सली

डीलर के बेटे को अगवा कर ले जा रहे नक्सलियों की पुलिस से मुठभेड़ में मारा गया हार्डकोर नक्सली


लखीसराय
लगभग दो वर्ष बाद नक्सलियों ने पीरी बाजार थाना क्षेत्र में अपहरण की घटना को अंजाम दिया, लेकिन इस बार पुलिस की तत्परता की वजह से अपहरण कर ले जा रहे नक्सलियों के साथ पुलिस की मुठभेड़ में एक हार्डकोर नक्सली को अपनी जान गंवानी पड़ी.

बताया जा रहा है कि शनिवार की रात लगभग नौ बजे नक्सलियों का एक पूरा जत्था लठिया पहाड़ के रास्ते पीरी बाजार थाना से महज चार सौ मीटर की दूरी पर नक्सल प्रभावित चौकरा गांव पहुंच वहां के डीलर भागवत प्रसाद के बड़े पुत्र 26 वर्षीय दीपक कुमार को अगवा कर अपने साथ पैदल ही लठिया पहाड़ की ओर ले जाने लगा.

अपने पुत्र को नक्सलियों के द्वारा अपहरण कर अपने साथ ले जाने के बाद बदहवास हो डीलर अपनी बाइक से पीरी बाजार थाना पहुंचा तथा इसकी सूचना पीरी बाजार थानाध्यक्ष प्रजेश कुमार दूबे को दी.सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष स्वयं डीलर की बाइक पर बैठ गये तथा थाना में मौजूद पुलिस व एसटीएफ के जवानों को भी साथ चलने को कहा.

त्वरित कार्रवाई करते हुए थानाध्यक्ष डीलर के घर से महज एक किलोमीटर की दूरी पार करते हुए लठिया पहाड़ से कुछ दूरी पर पहुंचे ही थे कि वहां से जा रहे नक्सलियों के साथ उनका आमना सामना हो गया. हालांकि इस दौरान थानाध्यक्ष के सिविल ड्रेस में रहने की वजह से नक्सली पहचान नहीं सके तथा बाइक की ड्राइविंग सीट पर बैठे डीलर को वापस लौट जाने की बात कहते हुए जान से मार डालने की धमकी देने लगे.

इसी दौरान नक्सलियों के दस्ते में शामिल किसी ने फायरिंग कर दी, जो डीलर व थानाध्यक्ष के बिल्कुल पास से होकर गुजर गयी, जिससे दोनों बाल बाल बचे. जिसके बाद दोनों बाइक को छोड़ सड़क किनारे गड्ढे में छिप गये. वहीं फायरिंग की आवाज सुनने के बाद पीछे से आ रही एसटीएफ व पुलिस जवान भी पोजिशन लेकर जवाबी फायरिंग करना प्रारंभ कर दिया. जिसमें थोड़ी दूर पर ही मौजूद हार्डकोर नक्सली प्रमोद कोड़ा पुलिस की गोली लगने से मौत का शिकार हो गया. वहीं पुलिस की ओर से जवाबी फायरिंग होते देख नक्सली के द्वारा ताबड़तोड़ फायरिंग करते हुए जंगल की ओर भागने में सफल रहे.

इस दौरान नक्सलियों के द्वारा डीलर की बाइक पर चार पांच फायरिंग की गयी थी, जिसमें डीलर की बाइक के हेडलाइट के शीशे सहित फुट गार्ड में गोली लगी. इस दौरान गोली फुट गार्ड को भेदती हुई निकल गयी. वहीं घटना की जानकारी मिलने के बाद एएसपी अभियान अमृतेश कुमार के नेतृत्व में एसटीएफ, जिला पुलिस व एसएसबी जवानों का दल रात में ही घटनास्थल पहुंच गयी तथा वहां पर कैंप करने लगी. वहीं एसएसबी की टुकड़ी को अपहृत की तलाश में संभावित जगहों पर सर्च ऑपरेशन चलाने के लिए भेजा गया. रविवार की सुबह एसपी सुशील कुमार स्वयं मौके पर पहुंच घटना की पूरी जानकारी ली तथा अपहृत के पिता से भी बात की.

मौके पर एसपी सुशील कुमार ने बताया कि रात नक्सलियों का एक जत्था चौकड़ा गांव पहुंचा था. जहां से उसने डीलर भागवत प्रसाद के पुत्र दीपक कुमार को घर से निकालकर अपने साथ लेते चले गये. वहीं जैसे ही घटना की जानकारी पीरी बाजार थानाध्यक्ष को मिली तो थाना में मौजूद एसटीएफ व जिला पुलिस बल के साथ नक्सलियों का पीछा किया गया. जिसमें नक्सलियों के साथ जवानों की मुठभेड़ हो गयी, जिसमें एक हार्ड कोर नक्सली प्रमोद कोड़ा मारा गया है.

मारे गये नक्सली के पास से पुलिस ने एक एके 47 राइफल बरामद करने के साथ ही कई अन्य सामानों को भी बरामद किया है. वहीं एसपी ने बताया कि इसके साथ ही अपहृत की सकुशल बरादगी को लेकर एसएसबी, एसटीएफ, कोबरा बटालियन के द्वारा सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है.

गौरतलब है कि नक्सलियों ने विगत 10 दिसंबर 2019 को पीरी बाजार थाना क्षेत्र के घोघी गांव से सीपीआई नेता मदन सिंह को नक्सलियों ने अगवा कर लिया था. जिनसे लगातार फिरौती की मांग की जा रही थी. वहीं लगातार पुलिस की दबिश की वजह से नक्सलियों के द्वारा लगभग दस दिनों बाद उन्हें रिहा कर दिया गया था.

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