Tuesday, February 7

रैगांव विधानसभा सीट बनी BJP-कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न, सभा वार तेज

रैगांव विधानसभा सीट बनी BJP-कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न, सभा वार तेज


भोपाल
पूर्व मंत्री जुगल किशोर बागरी के निधन से खाली हुई रैगांव विधानसभा सीट भाजपा के कब्जे में वापस लाने के लिए बीजेपी को तगड़ी मेहनत करनी पड़ रही है। यहां कांग्रेस भाजपा के मुकाबले में नहीं है लेकिन जनता का मूड पूरी तरह से भाजपा के पक्ष में नहीं है। इसलिए पार्टी को इस विधानसभा क्षेत्र में रोज एक स्टार प्रचारक की सभा करानी पड़ रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बाद अब प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा, केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर लगातार तीन दिन तक सभाएं करने वाले हैं। इसके बाद भी 28 अक्टूबर तक यहां वरिष्ठ नेताओं की चुनावी सभाएँ चलने वाली हैं।

मुख्यमंत्री चौहान कल रैगांव में तीन चुनावी सभाएं सितपुरा, महतैन, श्रीनगर में करके लौटे हैं और आज प्रदेस अध्यक्ष वीडी शर्मा पन्ना से रैगांव में चुनावी सभा के लिए पहुंचे हैं। शर्मा शिवराजपुर में नुक्कड़ सभा और जनसंपर्क करेंगे और इशके बाद सिंहपुर, चोरबरी, करसरा, सोहावल, भुमकहर, भैंसवार में जनसंपर्क और नुक्कड़ सभाएं करेंगे। उधर केंद्रीय मंत्री तोमर 22 एवं 23 अक्टूबर को सतना जिले के रैगांव विधानसभा प्रवास पर रहेंगे। तोमर कल भाजपा कार्यालय सतना में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक में शामिल होंगे। फिर कोठी में आयोजित किसान सम्मेलन एवं अन्य कार्यक्रम में भाग लेंगे। तोमर 23 अक्टूबर को कतकोन और फिर सिंहपुर में किसान सम्मेलन को संबोधित करेंगे।

सतना जिले की रैगांव विधानसभा सीट पर हमेशा की तरह इस बार भी जीत-हार का गणित एससी और ओबीसी के मतदाताओं पर टिका हुआ है। दोनों की वर्ग के मतदाताओं को जहां ज्यादा रूझान होगा उस पार्टी का उम्मीदवार विधानसभा तक पहुंच सकता है। इस सीट पर कांग्रेस को 31 साल से जीत नहीं मिली है, लेकिन इस बार उसके लिए राहत की बात यह है कि उपचुनाव में बहुजन समाज पार्टी (बसपा ) के मैदान में नहीं हैं।

रैगांव सीट 1977 से अस्तित्व में आई तब से ही इस क्षेत्र में अनुसूचित जाति और ओबीसी वर्ग के मतदाता प्रमुख भूमिका में  रहे हैं। यहां अनुसूचित जाति वर्ग में चौधरी, कोरी और बागरी समुदाय के सबसे ज्यादा वोटर हैं। भाजपा ने इसलिए ही बागरी परिवार से प्रतिमा बागरी को मैदान में उतारा है। जबकि कांग्रेस ने चौधरी समुदाय से कल्पना वर्मा को उम्मीदवार बनाया है।

 बीएसपी के चुनाव मैदान में नहीं होने से कांग्रेस में उम्मीद जगी है। कांग्रेस इस सीट पर 31 साल से नहीं जीती। कांग्रेस की हालत इस सीट पर 1990 से बहुत खराब रही है। वह तीसरे नंबर पर आती रही। लंबे अरसे बाद इस सीट पर पिछले चुनाव में कांग्रेस दूसरे नंबर पर आई थी।

सीएम शिवराज का रैगांव विधानसभा सीट पर दौरा अभी आगे भी होगा। पार्टी सूत्रों के अनुसार अगले सात दिन में सीएम चौहान के तीन दिनी दौरे यहां का माहौल भाजपा के पक्ष में करने के लिए हो सकते हैं। सीएम 8 अक्टूबर के बाद 11 दिनों में यहां चार बार चुनावी दौरे पर पहुंच चुके हैं। इसके अलावा जातीय और क्षेत्रीय समीकरण के आधार पर भी यहां स्टार प्रचारक नेताओं के दौरे तय किए जा रहे हैं। सीएम चौहान आज पन्ना से सीधे खंडवा लोकसभा क्षेत्र के पंधाना विधानसभा के सिंगोट, छैगांव में चुनावी सभा के लिए पहुंचे। इसके बाद वे बड़वाह विधानसभा के सनावद, बड़वाह में चुनावी सभा और जनसंपर्क के लिए पहुंचेंगे।

अब कमलनाथ एक बार फिर इस क्षेत्र में चुनावी सभा के लिए पहुंच रहे हैं। कमलनाथ 23 अक्टूबर को दो सभाएं लेंगे। कमलनाथ की पहली सभा शिवराजपुर में होगी, जबकि दूसरी सभा वे भरजुना में करेंगे। इससे पहले भी वे 19 अक्टूबर को सिंहपुर में सभा कर चुके हैं। इस दौरान वे पटपरनाथ धाम मंदिर भी पहुंचे थे। प्रदेश के तीन विधानसभा क्षेत्रों में हो रहे उपचुनाव में रैगांव ऐसा क्षेत्र है जहां कमलनाथ अब तक के दौरे में दूसरी बार पहुंच रहे हैं। वही पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह रैगांव में सक्रिय हैं। वे यहां पर कई क्षेत्रों में सभाएं कर चुके हैं। चुनाव के अंतिम दिनों में यहां पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी पहुंचेंगे।

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