Tuesday, February 7

शराब दुकानों पर सस्पेंस बरकरार, शराब ठेकेदारों ने सरेंडर की दुकानें

शराब दुकानों पर सस्पेंस बरकरार, शराब ठेकेदारों ने सरेंडर की दुकानें


न्यूजडेस्क(भोपाल)- मध्यप्रदेश में शराब दुकानों को खोलने के मामले में हाईकोर्ट के फैसले के बाद शराब ठेकेदारों ने दुकान सरेंडर करना शुरु कर दिया हैं। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, छिंदवाड़ा, कटनी, रीवा, नीचम, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन, देवास में शराब ठेकेदारों ने शपथ पत्र देकर सरकार को दुकान वापस कर दी हैं। इसके पहले हाईकोर्ट ने ठेकेदारों को तीन दिन का समय दिया था। मप्र के जिन प्रमुख शहरों में शराब ठेकेदारों ने अपनी दुकान सरेंडर की हैं, इन्ही शहरों से प्रदेश सरकार को 67 फीसदी राज्सव मिलता हैं।

8 जून के बाद तस्वीर होगी साफ

आबकारी आयुक्त के मुताबिक हाईकोर्ट के निर्देश के बाद किसी बात को कोई मतलब नहीं बचा हैं। शराब दुकानों पर अब 8 जून के बाद ही तस्वीर साफ हो पाएगी। शासन सभी तरह के हालातों से निपटने के लिए तैयार हैं। मप्र में 2020 के लिए 10460 करोड़ रुपए का टेंडर जारी हुए थे। वही जिन शराब ठेकेदारनों ने अपनी दुकानें सरेंडर की हैं उनकी कीमत 72 सौ करोड़ रुपए हैं। जिनमें भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर और इंदौर की दुकानों का टेंडर 3 हजार करोड़ रुपए का हैं। मप्र में देशी सरकार की दुकानें 2544 और विदेशी शराब की दुकानें 1061 हैं।

प्रदेश सरकार का राजस्व का बड़ा नुकसान

कोरोना संक्रमण के चलते हुए लॉकडउन के कारण मप्र सरकार को शराब से होने वाले राजस्व का भारी नुकसान हुआ हैं। मार्च के महीने में 653 करोड़, अप्रैल में 1029 करोड़, मई में 900 करोड़ का घाटा प्रदेश सरकार का उठाना पड़ा हैं। वहीं 33 फीसदी संचालित दुकानों से सरकार को सिर्फ मई के महीने में 150 करोड़ का राजस्व ही मिल सका हैं। वहीं सरकार के सामने दुकानों को लेकर नई दिकक्त हैं या तो सरकार खुद आबकारी विभाग से दुकान का संचालन करें या दुकानों के लिए नए सिरे से टेंडर जारी करें।
Edit By RD Burman

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