Wednesday, December 7

वैक्सीनेशन की रफ्तार फेस्टिव सीजन में पड़ गई सुस्त

वैक्सीनेशन की रफ्तार फेस्टिव सीजन में पड़ गई सुस्त


भोपाल
राजधानी समेत प्रदेशभर में कोरोना के केसों में थोड़ी राहत क्या मिली लोगों ने कोविड  गाइडलाइन का पालन करना ही छोड़ दिया। जबकि पहली शर्त सोशल डिस्टेंसिंग के साथ मास्क एवं दूसरी फुली वैक्सीनेशन है लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि लोंगों ने मास्क लगाना तो लगभग छोड़ ही दिया है साथ ही वैैक्सीनेशन पर भी लापरवाही बरतनी शुरू कर दी।
अब तक वैक्सीनेशन में अक्टूबर महीने में सबसे कम टीके लगे हैं। वहीं अब तक आधे जिलों में ही सौ फीसदी टीकाकरण हो पाया है जबकि इसकी डेडलाइन सिंतबर महीने तक ही थी और जमीनी हकीकत अक्टूबर पूरा गुजर गया।  स्टेट वैक्सीनेशन टीम के मुताबिक अब तक प्रदेशभर में अब तक 71070387 टोटल डोज लगाए जा चुके हैं। इसमें फर्स्ट डोज के 49933945 एवं सेकंड डोज के 21136442 डोज शामिल हैं। हालांकि फर्स्ट डोज के कवरेज में खास बात यह है कि पांच करोड़  डोज पूरा होने में महज 66 हजार ही डोज बाकी हैं,लेकिन सेकंड डोज का वैक्सीनेशन काफी पिछड़ रहा है। ज्ञात हो कि पिछले दिन प्रदेशभर में करीब पौने लीन लाख टीके लगाए गए हैं जबकि इसके पहले प्रदेशभर में एक दिन में 24 लाख डोज लगाने का रिकॉर्ड दर्ज है। आज भी 200 से ज्यादा सेंटरों में कोविशील्ड एवं कोवैक्सीन दोनों के डोज लगाए जा रहे हैं।

नए वॉयल में और मंडरायेगा संकट
दरअसल,स्वास्थ्य विभाग ने वैक्सीनेशन के 5 एमएल के वॉयल की जगह अब 10 एमएल की वॉयल का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। ऐसे में अभी तक एक वॉयल खोलने के लिए 10 से 12 लोगों का इंतजार करना पड़ता था,लेकिन इस बदलाव के बाद 20 से 22 लोंगों का इंतजार करना पडेÞगा। इसका असर गर्भवती महिलाओं को वैक्सीनेशन में सर्वाधिक होगा।

15 से सेकंड डोज के चलेगा अभियान
स्टेट वैक्सीनेशन प्रभारी डॉ. संतोष शुक्ला ने बताया कि अब तक प्रदेश में 7 करोड़ से ज्यादा फर्स्ट डोज लगाए जा चुके हैं। इसमें 92 फीसदी को फर्स्ट डोज एवं 37 फीसदी को सेकंड डोज लगाया जा चुका है। पिछले महीने त्योहारों की वजह से टीकाकरण प्रभावित हुआ है,लेकिन अब दीवाली के बाद इसमें तेजी आएगी। इसके अलावा 15 नवंबर से सेकंड डोज के लिए महाअभियान चलाए जाने की प्लॉनिंग की जा रही है साथ ही अब अलावा डोर टू डोर टीकाकरण भी विचार किया जा रहा है। प्रदेशभर में सेकंड डोज के कवरेज के लिए  31 दिसंबर तक की डेडलाइन तय की गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.