Thursday, February 9

पुलिस अभिरक्षा में मौत पर होगी पीएम की वीडियोग्राफी, स्कैच से बताएंगे चोटों का हाल

पुलिस अभिरक्षा में मौत पर होगी पीएम की वीडियोग्राफी, स्कैच से बताएंगे चोटों का हाल


भोपाल
पुलिस कार्रवाई के दौरान किसी व्यक्ति की मौत या पुलिस अभिरक्षा में मौत होने पर अब पोस्टमार्टम के दौरान मृतक की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई जाएगी और उसका डिजिटल रिकार्ड तैयार किया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ अब बॉडी स्कैच भी तैयार कराया जाएगा जिसमें शरीर पर आई चोटों का पूरा हिसाब-किताब भी दिखाया जाएगा।

गृह विभाग ने पुलिस रेग्युलेशन में संशोधन किया है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ बाडी स्कैच भी संलग्न किया जाएगा। पोस्ट मार्टम परीक्षण करने के लिए नियुक्त चिकित्सा अधिकारी, पोस्ट मार्टम के साथ एक बॉडी स्कैच तैयार करेगा। बाडी स्कैच मुद्रित प्रारूप में होगी जिसमें मानव शरीर पर आई चोटों को चिन्हांकित किया जाएगा।

ऐसे मामले जिनमें पुलिस कार्रवाई के दौरान किसी व्यक्ति की मौत होती है या फिर पुलिस अभिरक्षा में मृत्यु होने पर मजिस्ट्रेट या अन्वेषण अािध्कारी, अस्पताल या प्रभारी चिकित्सक को मृतक के पोस्टमार्टम के दौरान मृत्यु की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की व्यवस्था करने के लिए सूचित करेगा। सभी प्रकार के प्रकरणों में मृतक के फोटोग्राफ लेने की व्यवस्था की जाएगी। फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पुलिस फोटोग्राफर या राज्य सरकार के द्वारा नामांकित फोटोग्राफर की व्यवस्था करके की जाएगी। इनके उपलब्ध नहीं होंने पर स्वतंत्र अथवा निजी फोटोग्राफर की सेवाएं ली जाएंगी।

ऐसे फोटोग्राफ और वीडियोग्राफ को पंचनामा या जप्ती पत्रक के अधीन जप्त किया जाएगा और विचारण के दौरान ऐसे फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी को साबित कराना भी सुनिश्चित किया जाएगा। इलेक्ट्रानिक रूप में लिए गए फोटो और वीडियो को भी पंचनामा या जप्ती पत्रक के माध्यम से जप्त किया जाएगा। मूल रिकार्ड को भी संरक्षित करने की व्यवस्था अन्वेषण अधिकारी करेंगे। वीडियो और फोटोग्राफ को एक अलीग मेमोरी कार्ड में संग्रहित किया जाएगा जिसे भारतीय साक्ष्य अधिनियम के तहत प्रमाणित भी किया जाएगा।

अन्वेषण अधिकारी घटनास्थल का एक साइट प्लान भी देगा जिसे पंचनामे के साथ लगाया जाएगा। साइट प्लान मे घटना का स्थान, वह स्थान जहां शव मिला, जहां मुख्य पदार्थ, हथियार मिले, रक्त के दाग, शरीर के तरल पदार्थ जहां गिरे, कारतूस के खोखे या निशान, प्रकाश का स्रोत, प्राकृतिक और मानव निर्मित संरचनाओं दीवार, गड्ढे, बाड़, पेड़ झाड़ियों  का जिक्र किया जाएगा।  अन्वेषण अधिकारी द्वारा स्कैच तैयार करने के बाद पुलिस ड्राफ्टसमेन द्वारा घटनास्थल का दौरा करने के बाद एक स्केल्ड साइट प्लान तैयार किया जाएगा।

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