Monday, July 22

जिसका शक था वह हो गया, विकास दुबे का किन-किन राजनैतिक लोगों से संपर्क था, अब उजागर नहीं हो पाएगाः दिग्विजय सिंह

जिसका शक था वह हो गया, विकास दुबे का किन-किन राजनैतिक लोगों से संपर्क था, अब उजागर नहीं हो पाएगाः दिग्विजय सिंह


भोपाल.  कानपुर के गैंगेस्टर विकास दुबे की उज्जैन से गिरफ्तारी और फिर एनकाउंटर पर मध्यप्रदेश के सीएम दिग्विजय सिंह ने कई सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने पहले तो विकास दुबे की एक तस्वीर शेयर की है, जिसमें वह उज्जैन में महाकाल मंदिर के बाहर आराम से खड़ा हुआ है और फोटशूट करा है। उन्होंने कमेंट करते हुए लिखा कि ‘इस फोटे से क्या लगता है, मध्यप्रदेश पुलिस को पूर्व जानकारी थी? यदि जानकारी थी तो इस गेंगस्टर को मंदिर में प्रवेश कैसे मिल गया? क्या सीसीटीवी पर पुलिस की नज़र थी? अब भाजपा मध्यप्रदेश पुलिस को सम्मानित करना चाहती है किस बहादुरी के लिए’?

उन्होंने एक के बाद एक चार ट्वीट किए हैं, दूसरे में कमेंट करते हुए लिखा है कि ‘जिसका शक था वह हो गया। विकास दुबे का किन किन राजनैतिक लोगों से, पुलिस व अन्य शासकीय अधिकारियों से उसका संपर्क था, अब उजागर नहीं हो पाएगा। पिछले 3-4 दिनों में विकास दुबे के 2 अन्य साथियों का भी एनकाउंटर हुआ है लेकिन तीनों एनकाउंटर का पैटर्न एक समान क्यों है’?

इसके बाद उन्होंने लिखा कि “मैं शिवराज जी से विकास दुबे की गिरफ़्तारी या सरेंडर की न्यायिक जांच की मांग करता हूं। इस कुख्यात गेंगस्टर के किस किस नेता व पुलिसकर्मियों से संपर्क हैं, जांच होना चाहिए। विकास दुबे को न्यायिक हिरासत में रखते हुए इसकी पुख़्ता सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए ताकि सारे राज़ सामने आ सकें”।

उन्होंने चौथे ट्वीट में लिखा है कि ‘यह पता लगाना आवश्यक है विकास दुबे ने मध्यप्रदेश के उज्जैन महाकाल मंदिर को सरेंडर के लिए क्यों चुना? मध्यप्रदेश के कौन से प्रभावशाली व्यक्ति के भरोसे वो यहाँ उत्तर प्रदेश पुलिस के एनकाउंटर से बचने आया था’?

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