Friday, February 23

हज-2022 का ऐलान जल्द, नवंबर के पहले हफ्ते से आवेदन, इस बार कोरोना प्रोटोकॉल के तहत होगी हज अदायगी

हज-2022 का ऐलान जल्द, नवंबर के पहले हफ्ते से आवेदन, इस बार कोरोना प्रोटोकॉल के तहत होगी हज अदायगी


मुजफ्फरपुर 
हज पर जाने के ख्वाहिशमंद लोगों के लिए खुशखबरी है। हज कमेटी ऑफ इंडिया ने हज 2022 को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। इस बार सऊदी हुकूमत के द्वारा तय कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए हज अदायगी की जाएगी। बिहार राज्य हज कमेटी के चेयरमैन हाजी इलियास ने बताया कि नवंबर के पहले हफ्ते में हज 2022 की घोषणा की जाने की संभावना है। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय भारत सरकार ने इस बारे में सूचना दी है। हज की घोषणा के साथ ही फॉर्म भरने की प्रक्रिया भी शुरू हो जायेगी। उन्होंने बताया कि हज को लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। हज पर जाने के ऐसे ख्वाहिशमंद लोग, जिनके पास पासपोर्ट नहीं है, वे बिना देर किए ऑनलाइन पासपोर्ट के लिए अप्लाई कर दें। 

टीके की दोनों डोज ले चुके लोग ही जा सकेंगे हज पर
चेयरमैन ने बताया कि हज 2022 की गाइडलाइन के मुताबिक कोविड टीके की दोनों डोज ले चुके लोग ही इस बार हज पर जा सकेंगे। जिन्होंने कोरोना की दोनों डोज नहीं ली है, वे हज पर नहीं जा सकेंगे। कोरोना के मद्देनजर इस बार हज आवेदन से जुड़ी सारी प्रक्रियाएं भी ऑनलाइन कराई जाएंगी। हज पर जाने के ख्वाहिशमंद ज्यादा जानकारी के लिए बिहार राज्य हज कमेटी के फोन नंबर- 0612-2203315, 8271463343, 9693638579 पर संपर्क कर सकते हैं।

कम लोग कर सकेंगे मुकद्दस खानाकाबा की जियारत
हज के लिए पहले पूरे देशभर का डेढ़ लाख कोटा था। कोरोना के मद्देनजर पिछले साल 50 हजार हो गया। बिहार की बात करें तो यहां का कोटा 12 हजार था। पिछली बार 35 सौ के करीब था। मुमकिन है इस बार भी कोटा कम ही रहेगा। कोटा कम होने से बहुत कम लोग इस बार मुकद्दस खानाकाबा की जियारत कर पाएंगे।

इस बार कैटेगरी भी एक ही रहने की संभावना
पहले मक्का में ठहरने के लिए दो कैटेगरी होती थी। ग्रीन और अजीजिया कैटेगरी। पिछले साल सिर्फ अजीजिया कैटेगरी थी। यह व्यवस्था भीड़ कम करने के लिए की गई थी। बता दें कि ग्रीन कैटेगरी में आवेदन करने वाले हज यात्री खानाकाबा के नजदीक ठहरते हैं, वहीं अजीजिया कैटेगरी वाले दूर ठहरते हैं। ग्रीन कैटेगरी में ठहराव में लग्जरी व्यवस्था होती है, वहीं अजीजिया में अपेक्षाकृत कम होती है। ग्रीन कैटेगरी में अजीजिया कैटेगरी की अपेक्षा खर्च बढ़ जाता है। पिछली बार की तरह इस बार भी कम जगहों से ही उड़ान भरी जाएगी। बिहार के हज यात्रियों का उड़ान स्थल गया की जगह पिछली बार कोलकाता था, मुमकिन है इस बार भी हज यात्रियों को कोलकाता से ही उड़ान भरनी पड़े।

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