Saturday, April 20

लॉकडाउन खुलते ही बढ़ा क्राइम का ग्राफ, गृहमंत्री ने की पुलिस अधिकरियों से चर्चा

लॉकडाउन खुलते ही बढ़ा क्राइम का ग्राफ, गृहमंत्री ने की पुलिस अधिकरियों से चर्चा


भोपाल।(न्यूज डेस्क) : भोपाल में लॉकडाउन खुलने के बाद क्राइम का ग्राफ तेजी से बढ़ने लगा है। जिसके चलते राजधानी पुलिस मुस्तैद और कानून व्यवस्था पर फिर से सवाल उठने लगे है। प्रदेश में अनलॉक वन में थोड़ी ढील बढ़की क्राइम की वारदातों से पुलिस महकमे हड़कंप मच गया है। वहीं हम अगर राजधानी भोपाल में लॉकडाउन खुलते ही बीते 7 दिनों में लूट की 5 वारदातों को अंजाम दिया गया। लॉकडाउन खुलने के बाद 20 चोरी को अंजाम दिया गया। इसी दौरान 4 बलात्कार की वारदाते सामने आयी  है। जिसके आलावा राजधानी में लॉकडाउन उल्लंघन के 6 हजार मामले दर्ज किए गए है।

गृहमंत्री ने की अधिकारियों से चर्चा

मध्यप्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बढ़ते क्राइम ग्राफ पर चिंता जताते हुए कहा कि प्रदेश में कोरोना संकटकाल में लगे लॉकडाउन में ढील मिलने के बाद अपराध की वारदातों में इजाफा होने की आशंका थी। वहीं गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पुलिस अधिकारियों से बढ़ते क्राइम ग्राफ को कम करने की रणनीति पर चर्चा की और वारदातों में अंकुश लगाने के निर्देश भी जारी किए ।

कांग्रेस के निशाने पर सरकार

वहीं प्रदेश में बढ़ते अपराध पर कांग्रेस ने बीजेपी सरकार की कार्य प्रणाली पर सवाल उठाते पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि बढ़ते अपराध को सरकार और प्रशासन रोक नही पा रहा है। सरकार अपराध को लॉकडाउन के समय ही रोक सकती है जब सब लोग घर में बंद हो तभी कानून व्यवस्था को ठीक कर सकती है। अनलॉक होने के बाद सरकार के हाथ मे कुछ नहीं है।

बेरोजगारी के चलते बढ़ रहे अपराध

प्रदेश में बढ़ते अपराधों पर मनोचिकित्सकों डॉक्टर सत्यकांत त्रिवेद्री का कहना है कि कोरोना संकटकाल में बढ़ती बेरोजगारी और आर्थिक तंगी के चलते लोग अपराध का रास्ता पकड़ रहे है। क्योंकि कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए बाजार पूरी तरह से नहीं खुले है। वहीं बाजार में मंदी के चलते लोगों को रोजगार नहीं मिल रहा है, आर्थिक तंगी से परेशान चल रहे लोग अपराध की ओर रुख कर सकते है।

राजधानी में पुलिस अलर्ट

भोपाल में बढ़ते अपराध के ग्राफ को लेकर पुलिस अलर्ट हो गई है । पुलिस अधिकरियों ने तमाम हिस्ट्रीशीटर और बदमाशों की लिस्ट तैयार कर ली है। जिसमें करीब 1 हजार बदमाशों के नाम शामिल किए गए है। जिन पर निगरानी रखी जाएगी। वही पुलिस पेट्रोलिंग, बेरिकेटिंग्स और मुखबिर तंत्र को सर्तक कर दिया है।

पुलिस के दावे अपनी जगह पर सही है, लेकिन हम लॉकडाउन के दौरान मार्च महीने में 5 हत्या, 149 चोरी की वारदातें और 46 नकबजी घटनाएं सामने आयी है। वहीं अप्रैल माह में जारी हुए आंकड़ो के मुताबिक 2 हत्या, 26 लूट और चोरी और 20 नकबजी की वारदाते सामने आयी थी। अब लॉकडाउन में ढील मिलने से सड़कों पर लोगों की भीड़ बढ़ेगी और इसके साथ ही अपराधी तंत्र भी सक्रीय हो जाएगा। क्या ऐसे में पुलिस लोगों की हर मोर्चे पर मदद कर पाएगी।

Edit By : Amit Tiwari

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